पवन सिंह और रवि किशन के कार्यक्रम में बेकाबू हुई भीड़, पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

भोजपुरी के ‘पावर स्टार’ पवन सिंह और सुपरस्टार सांसद रवि किशन की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है, लेकिन कभी-कभी यही दीवानगी भारी बवाल की वजह बन जाती है। ऐसा ही एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बलिया से सामने आया है।

बलिया के नगरा में मंगलवार की रात पवन सिंह और रवि किशन के एक कार्यक्रम में ऐसा तांडव हुआ कि पूरा पंडाल जंग का मैदान बन गया। सितारों की एक झलक पाने के लिए 25 हजार से ज्यादा की भीड़ इस कदर बेकाबू हुई कि बैरिकेडिंग टूट गई। इसके बाद जो हुआ, उसने हर किसी को सन्न कर दिया। पुलिस ने दर्शकों को दौड़ा-दौड़ाकर लाठियों से पीटा, जिसमें कई लोगों के सिर फूट गए और 200 से ज्यादा कुर्सियां टूट गईं। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि नीचे लाठियां चलती रहीं और मंच पर नाच-गाना जारी रहा।

यह पूरा वाकया बलिया के नगरा इलाके का है, जहां मंगलवार की रात एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस शो में उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत बीजेपी के कई बड़े नेता और वीआईपी मौजूद थे। अपने चहेते सितारों को देखने के लिए करीब 25 हजार से ज्यादा फैंस की भारी भीड़ वहां पहुंची थी।

रात के करीब 10 बजकर 13 मिनट पर जैसे ही भोजपुरी के पावरस्टार पवन सिंह स्टेज पर पहुंचे, वैसे ही पंडाल में मौजूद भीड़ पागल हो गई। पवन सिंह और रवि किशन को करीब से देखने की होड़ में पीछे खड़ी जनता आगे की तरफ भागी और देखते ही देखते लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग को तोड़ दिया।

बैरिकेडिंग टूटते ही सुरक्षा में तैनात नगरा थाना और आसपास के थानों के 100 से अधिक पुलिस जवानों के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने भीड़ को पीछे धकेलने की कोशिश की, जिससे दर्शक भड़क गए और उन्होंने पुलिस पर कुर्सियां चलानी शुरू कर दीं। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और हंगामा कर रहे दर्शकों पर बेरहमी से लाठियां बरसानी शुरू कर दीं।

पुलिस ने दर्शकों को दौड़ा-दौड़ाकर खदेड़ा और पीटा। इस लाठीचार्ज में कई लोगों को गंभीर चोटें आईं और एक युवक का तो सिर ही फट गया। इस पूरे हंगामे में 200 से ज्यादा कुर्सियां चकनाचूर हो गईं।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पंडाल के नीचे पुलिस की लाठियों से जनता चीख रही थी, भगदड़ मची थी, लेकिन मंच पर चल रहा कार्यक्रम एक पल के लिए भी नहीं रुका। हंगामे और बवाल के बीच ही पवन सिंह और रवि किशन ने मंच पर केक काटा।

मनोरंजन के नाम पर इस तरह का बवाल और उसके बाद पुलिस का यह बर्बर लाठीचार्ज कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या 25 हजार की भीड़ के लिए सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता थे? और सबसे बड़ा सवाल कि जब नीचे जनता का सिर फूट रहा था, तो मंच पर नाच-गाना चालू रखना कितना जायज था?

 

 

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