भरत तिवारी एनकाउंटर पर सियासत गर्म, बीजेपी एमएलसी पवन सिंह ने अपनी ही सरकार और पुलिसिया कार्रवाई पर उठाए सवाल

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब एक नया और बड़ा सियासी मोड़ ले लिया है। इस एनकाउंटर को लेकर जहां एक तरफ पहले से ही सवाल उठ रहे थे, वहीं अब सरकार में शामिल बीजेपी के एमएलसी और भोजपुरी के पावर स्टारपवन सिंह ने इस पूरी घटना पर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

पवन सिंह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक बेहद लंबा और भावुक पोस्ट लिखकर न सिर्फ भरत तिवारी को समाज सेवक बताया है, बल्कि इस एनकाउंटर की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए सम्राट सरकारके सामने कई तीखे सवाल दाग दिए हैं। पवन सिंह ने साफ़ कहा है कि लोकतंत्र में न्याय सिर्फ होना नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए।

बीजेपी एमएलसी पवन सिंह ने अपने एक्स (X) हैंडल से एक पोस्ट शेयर किया, जिसने बिहार के सियासी और प्रशासनिक गलियारे में हलचल मचा दी है। पवन सिंह ने भोजपुर के रहने वाले स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें एक जागरूक और संवेदनशील व्यक्ति बताया।

पवन सिंह ने लिखा कि— स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी जी केवल इतना चाहते थे कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी जनता की समस्याओं का समाधान करें। वो सदैव गरीबों, असहायों, दलितों और जरूरतमंद लोगों की आवाज उठाने का कार्य करते थे। पवन सिंह ने आगे याद दिलाया कि कोरोना महामारी हो या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा, भरत तिवारी ने हमेशा अपने सामर्थ्य से बढ़कर समाज की सेवा की और अधिकारियों के साथ मिलकर जनहित के काम किए।

भरत तिवारी के एनकाउंटर की इस पूरी घटना पर गहरा दुख जताते हुए पवन सिंह ने कहा कि इसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है और घटना को लेकर अनेक गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। उन्होंने पुलिसिया कार्रवाई की थ्योरी पर सीधे तौर पर सवाल खड़े किए हैं।

पवन सिंह ने अपने पोस्ट में साफ़ शब्दों में लिखा कि— यदि विभिन्न माध्यमों से प्रसारित जानकारी और वीडियो में दिखाई गई परिस्थितियां सही हैं, तो यह आवश्यक है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायसंगत जांच कराई जाए, ताकि सत्य जनता के सामने सके। पवन सिंह ने साफ किया कि लोकतंत्र में हर नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है और कानून का शासन तभी मजबूत माना जाता है जब दोषी चाहे कोई भी हो, उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।

अपनी ही पार्टी की सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठाने के साथ-साथ पवन सिंह ने बिहार की सम्राट सरकार और संबंधित उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की बड़ी मांग की है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि यदि समय रहते सच्चाई सामने नहीं आई, तो ऐसी घटनाओं से आम जनता का व्यवस्था पर से विश्वास उठ जाएगा।

अपने पोस्ट के आखिर में पवन सिंह ने भरत भूषण तिवारी अमर रहेंका नारा देते हुए अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के लिए ईश्वर से शक्ति मांगी। साथ ही उन्होंने यह बड़ा ऐलान भी किया कि वो बहुत जल्द पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे और निष्पक्ष जांच की मांग को जमीन पर मजबूती से उठाएंगे। सत्ताधारी दल के एक बड़े नेता का यह तेवर बताता है कि आने वाले दिनों में यह एनकाउंटर मामला सरकार के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है।

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बीजेपी एमएलसी पवन सिंह का यह बयान बेहद मायने रखता है। एक तरफ जहां विपक्ष पुलिसिया कार्रवाई पर हमलावर है, वहीं सरकार के भीतर से ही पवन सिंह का इस तरह मुखर होना यह साफ करता है कि इस मामले में कहीं न कहीं कुछ ऐसा है जिसकी जांच होना जरूरी है।

 

 

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