बिहार के सबसे चर्चित और अक्सर अपने अनोखे अंदाज के लिए सुर्खियों में रहने वाले लालू यादव के बड़े लाल तेज प्रताप यादव एक बार फिर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले विवाद में घिर गए हैं। एक वक्त था जब कथित प्रेमिका अनुष्का यादव के साथ नाम जुड़ने के बाद पिता लालू प्रसाद यादव ने उन्हें घर से अलग कर दिया था और पार्टी से भी 6 साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया था। जैसे-तैसे परिवार के साथ रिश्ते सुधर ही रहे थे कि अब तेज प्रताप यादव पर एक ऐसा कानूनी शिकंजा कसा है, जिसने हड़कंप मचा दिया है।
इस बार आरोप किसी राजनीतिक विरोधी ने नहीं, बल्कि अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने लगाया है। आकाश यादव का दावा है कि तेज प्रताप ने न सिर्फ उनके घर में घुसकर हंगामा किया, बल्कि उन्हें कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर जान से मारने की धमकी भी दिलवाई है।
यह पूरा विवाद 6 जून का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता आकाश यादव के मुताबिक, पटना के पॉश इलाके पाटलिपुत्र में स्थित उनके फ्लैट पर तेज प्रताप यादव अपने पीए मोतीलाल यादव के साथ अचानक धमक पड़े। आरोप है कि दोनों ने जबरन घर के अंदर घुसने का प्रयास किया। उस वक्त आकाश यादव घर पर मौजूद नहीं थे, क्योंकि वो राजस्थान के खाटूश्याम गए हुए थे।
घर में जबरन घुसने की कोशिश का जब परिवार के लोगों ने विरोध किया, तो मामला और बिगड़ गया। आरोप के मुताबिक, दोनों अभियुक्तों ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की और आकाश की भांजी ‘उज्जैनी’ से मिलने की जिद पर अड़ गए और अपार्टमेंट में जमकर हंगामा किया। इस पूरे वाकये के बाद से ही पीड़ित परिवार दहशत में है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला और खतरनाक मोड़ तब आया, जब आकाश यादव को धमकियां मिलनी शुरू हुईं। आकाश का आरोप है कि तेज प्रताप के पीए मोतीलाल यादव ने पहले उन्हें फोन कर सीधे धमकी दी। और जैसे ही मोतीलाल का फोन कटा, उसके तुरंत बाद आकाश के मोबाइल पर एक और अनजान नंबर से कॉल आया।
इस दूसरी कॉल पर मोहित नाम के एक शख्स ने बात की और उसने खुद को देश के सबसे खूंखार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का आदमी बताया। उस कथित शूटर ने फोन पर साफ शब्दों में आकाश को धमकी देते हुए कहा कि— तेज प्रताप यादव के खिलाफ आगे से एक शब्द भी कुछ नहीं बोलना है, वरना अंजाम बुरा होगा।‘ आकाश यादव ने इस बेहद संवेदनशील और डराने वाले फोन कॉल की रिकॉर्डिंग को पुख्ता सबूत के तौर पर कोर्ट में जमा कर दिया है।
इस पूरे मामले पर कानूनी कार्रवाई के लिए आकाश यादव ने 10 जून को ही पटना के पाटलिपुत्र थाने में लिखित आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस ने आवेदन तो रख लिया, लेकिन रसूख और राजनीतिक दबाव के चलते केस दर्ज नहीं किया। हार मानकर 17 जून को आकाश यादव ने पटना सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और तेज प्रताप के खिलाफ केस फाइल कर दिया।
केस रजिस्टर्ड होते ही कोर्ट ने भी मामले की गंभीरता को समझा और इस पूरे प्रकरण पर अदालत में पहली सुनवाई हुई। अतीत में भी तेज प्रताप अपनी शादी और बयानों को लेकर काफी विवादों में रहे हैं, लेकिन लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम इस विवाद में जुड़ने के बाद यह मामला बेहद पेचीदा और हाई-प्रोफाइल हो चुका है।

