कहते हैं कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती और जब आपके सपनों में उड़ान हो, तो किस्मत भी आपके सामने झुक जाती है। भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक ऐसा नया पन्ना जुड़ गया है, जिसे देखकर हर हिंदुस्तानी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। महज 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया की सीनियर फिफ्टी-फिफ्टी टीम में चुन लिया गया है।
अंडर-19, आईपीएल और इंडिया-ए की तरफ से गेंदबाजों के परखच्चे उड़ाने वाले वैभव जब टीम इंडिया के कैंप से जुड़े, तो बीसीसीआई ने उनका एक ऐसा वीडियो शेयर किया जिसे देखकर सोशल मीडिया पर हर कोई भावुक हो रहा है। पहली बार जब वैभव के हाथों में उनके नाम और ’03’ नंबर की जर्सी वाला बॉक्स आया, तो वो अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए।
हर क्रिकेटर का सबसे बड़ा सपना होता है कि वह अपने देश के लिए नीली जर्सी पहने। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का भी यही सपना था, जिसकी तरफ उन्होंने बेहद कम उम्र में अपने कदम बढ़ा दिए हैं। बीसीसीआई ने हाल ही में एक वीडियो पोस्ट किया है, जो वैभव के संस्कारों की कहानी बयां करता है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि जब होटल का कर्मचारी और टीम इंडिया का स्टाफ जर्सी लेकर वैभव के कमरे के पास पहुंचता है, तो वैभव कमरे से बाहर निकलते ही सबसे पहले टीम इंडिया के उस स्टाफ के पैर छूकर आशीर्वाद लेते हैं। इसके बाद उन्हें वो बॉक्स दिया जाता है, जिसके अंदर उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी— यानी टीम इंडिया की जर्सी रखी हुई थी।
जैसे ही वैभव ने बॉक्स खोला और अपनी जर्सी को देखा, वह उसे बस एकटक देखते ही रह गए। वैभव सूर्यवंशी की इस पहली भारतीय जर्सी का नंबर है ’03’ (नंबर तीन)। इस जर्सी को हाथ में लेते ही वैभव की खुशी और उनके चेहरे के भाव देखने लायक थे। वह पूरी तरह से भावुक नजर आ रहे थे।
इस ऐतिहासिक पल पर बात करते हुए वैभव ने वीडियो में कहा कि— ‘मतलब, मेरे पास शब्द नहीं हैं बयां करने के लिए। जिसके लिए मैंने जिंदगी में पहले दिन क्रिकेट बैट पकड़ा था, ग्राउंड पर प्रैक्टिस करने गया था, वो सपना आज मेरा पूरा हुआ है। जो सबसे मेन स्टेप होता है, वो आज पूरा हो गया। वो टी–शर्ट देखते ही मैं इतना खुश हो गया कि बस लगातार स्माइल कर रहा था। कभी–कभी होता है न कि जो चीज आप सोचते नहीं हो, वो अचानक आपके साथ हो जाती है और आप रिएक्ट नहीं कर पाते। बस वैसा ही हाल मेरा भी था।‘
वैभव सूर्यवंशी का टीम इंडिया तक का सफर भले ही बहुत छोटा दिख रहा हो, लेकिन इसके पीछे उनकी बेमिसाल प्रतिभा और कड़ा परिश्रम है। बहुत ही कम उम्र में उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट और अंडर-19 में अपनी बल्लेबाजी की ऐसी छाप छोड़ी कि बड़े-बड़े सिलेक्टर्स उनके मुरीद हो गए।
आईपीएल के मंच से लेकर इंडिया-ए तक खेलते हुए उन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी का जो रंग दिखाया, उसी का इनाम है कि आज वो सीनियर टीम के साथ आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सबसे बड़े सुपरस्टार बनने की राह पर हैं और उनका यह जर्सी नंबर 3 आने वाले दिनों में गेंदबाजों के लिए खौफ का दूसरा नाम बनने वाला है।
15 साल की उम्र, जहां बच्चे स्कूल और खेल-कूद की दुनिया में मगन रहते हैं, वहां वैभव सूर्यवंशी देश की जर्सी पहनकर दुनिया के सबसे तेज गेंदबाजों का सामना करने के लिए तैयार हैं। उनका यह सफर देश के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।

