अक्सर कहा जाता है कि इंसान की असली पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसकी सादगी और अपनी जड़ों के प्रति जुड़ाव से होती है। भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने इस बात को एक बार फिर सच कर दिखाया है। आज जब वे करोड़ों की संपत्ति और स्टारडम के मालिक हैं, तब भी वे उस पुराने दौर को याद करना नहीं भूलते जब वे एक साधारण किसान की तरह खेतों में पसीना बहाते थे। खेसारी का एक नया वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे किसी आलीशान होटल के पकवानों को छोड़, देसी तरीके से सत्तू का आनंद लेते दिख रहे हैं।
खेसारी लाल यादव ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक ऐसा वीडियो पोस्ट किया है जो हर गांव-देहात से जुड़े व्यक्ति के दिल को छू रहा है। वीडियो में खेसारी एक गमछे में सत्तू सानते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह उनके लिए कोई मनोरंजन का जरिया नहीं, बल्कि उनकी पुरानी जिंदगी की एक हकीकत है। खेसारी ने खुद बताया कि बचपन में जब वे खेतों में काम करने जाते थे, तब पास में बर्तन नहीं हुआ करते थे। ऐसे में गमछे को ही बर्तन बनाकर उसमें सत्तू सानना और खाना ही सबसे बड़ा सुख होता था। खेसारी ने उसी देसी अंदाज को आज फिर से जीकर अपने प्रशंसकों को भावुक कर दिया है।
वीडियो के वायरल होते ही फैंस ने खेसारी की सादगी की जमकर तारीफ की है। लोगों का कहना है कि इसी जमीनी जुड़ाव के कारण ही खेसारी आज भोजपुरी इंडस्ट्री के ‘ट्रेंडिंग स्टार’ बने हुए हैं। जहां कई सितारे अपने संघर्ष के दिनों को पीछे छोड़ देते हैं, वहीं खेसारी अपनी पुरानी यादों को गर्व के साथ साझा करते हैं। यह वीडियो उन युवाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है जो सफलता मिलते ही अपने मूल और अपनी संस्कृति से दूर होने लगते हैं। खेसारी ने इस छोटे से वीडियो के जरिए यह साबित कर दिया है कि मिट्टी की महक आज भी उनके लिए सबसे ऊपर है।
खेसारी लाल यादव का यह देसी अंदाज न केवल सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है, बल्कि यह करोड़ों लोगों को अपनी जड़ों की याद भी दिला रहा है।

