पूर्व सांसद निरहुआ के ठाठ”; पद गया पर रुतबा वही; जानें सरकार से दिनेश लाल यादव को क्या-क्या मिलता है

भोजपुरी के जुबली स्टारदिनेश लाल यादव निरहुआ आज केवल पर्दे के हीरो नहीं हैं, बल्कि राजनीति की गलियों में भी उनकी एक खास पहचान है। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से सांसद रह चुके निरहुआ भले ही 2024 का चुनाव हार गए हों, लेकिन पूर्व सांसद होने के नाते सरकार की ओर से उन्हें आज भी वो सुविधाएं मिलती हैं, जो किसी भी आम आदमी के लिए सपना हो सकती हैं। आज हम आपको बताएंगे कि फिल्मों से करोड़ों कमाने वाले निरहुआ को सरकार की ओर से हर महीने कितनी पेंशन मिलती है और कौन-कौन सी सुविधाएं उन्हें जीवनभर के लिए मिल गई हैं।

दिनेश लाल यादव निरहुआ के राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी जीत साल 2022 में आई थी। जब सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने आजमगढ़ के सांसद पद से इस्तीफा दिया, तब हुए उपचुनाव में निरहुआ ने धर्मेंद्र यादव को करारी मात देकर सबको चौंका दिया था। करीब दो साल तक वे दिल्ली की संसद में आजमगढ़ की आवाज बने रहे। हालांकि 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2022 की उस जीत ने उन्हें हमेशा के लिए पूर्व सांसदका दर्जा और उससे जुड़ी तमाम सुख-सुविधाओं का हकदार बना दिया है।

अब बात करते हैं उस सरकारी कमाईकी जो निरहुआ को हर महीने मिलती है। दरअसल, मार्च 2025 में सरकार ने सांसदों की सैलरी और सुविधाओं में बड़ा बदलाव किया था। सांसदों की सैलरी जहाँ बढ़ाकर 1.24 लाख रुपये कर दी गई, वहीं पूर्व सांसदों की पेंशन में भी बढ़ोतरी की गई। पहले जहाँ पूर्व सांसदों को 25 हजार रुपये महीना मिलते थे, वहीं अब निरहुआ जैसे पूर्व सांसदों को हर महीने 31,000 रुपये की पेंशन दी जाती है। यह पेंशन उन्हें ताउम्र मिलती रहेगी, जो उनके अभिनय की कमाई से अलग एक फिक्स्ड सरकारी आय है।

सुविधाएं सिर्फ पेंशन तक सीमित नहीं हैं। निरहुआ को पूरे भारत में ट्रेन के फर्स्ट क्लास या सेकंड एसी कोच में मुफ्त सफर करने की आजादी है। इसके अलावा, उन्हें और उनके परिवार को केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना यानी CGHS के तहत देश के बेहतरीन अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा भी मिलती है। इतना ही नहीं, उन्हें संसद भवन का खास पास और लाइब्रेरी का एक्सेस भी मिलता है। उनके जीवनसाथी को भी संसद के पास दिए जाते हैं, जिससे वे दिल्ली में कई सरकारी लाभ उठा सकते हैं। ये तमाम सुविधाएं उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करती हैं।

राजनीति की व्यस्तता के बीच निरहुआ ने कभी फिल्मों से नाता नहीं तोड़ा। आज वे सांसद भले न हों, लेकिन ओटीटी और बड़े पर्दे पर उनके पास प्रोजेक्ट्स की लाइन लगी है। आने वाले समय में फैंस उन्हें पटना से पाकिस्तान 2′, ‘निरहुआ हिंदुस्तानी 5′ और मुर्गा ट्रॉफीजैसी फिल्मों में देखेंगे। यानी एक तरफ फिल्मों से होने वाली करोड़ों की कमाई और दूसरी तरफ सरकार से मिलने वाला ये पूर्व सांसद का प्रोटोकॉल—निरहुआ का रुतबा आज भी बरकरार है।

दिनेश लाल यादव निरहुआ ने साबित कर दिया है कि अगर आप जमीन से जुड़े रहें, तो जनता और सरकार दोनों आपको सम्मान देती है। पूर्व सांसद के रूप में मिल रही इन सुविधाओं के साथ निरहुआ एक बार फिर फिल्मी दुनिया में अपना परचम लहराने को तैयार हैं।

 

 

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