मनोज तिवारी का दावा— “10 अप्रैल तक बिहार को मिल जाएगा अगला मुख्यमंत्री”

मनोज तिवारी: फाइल फोटो

रोहतास: बिहार की सियासत इस वक्त उस मोड़ पर खड़ी है जहाँ हर किसी की नज़र सिर्फ एक ही कुर्सी पर टिकी है। चर्चाएं तेज़ हैं, कयासों का बाज़ार गर्म है और इसी बीच एनडीए के एक कद्दावर नेता ने बिहार के भविष्य को लेकर एक ऐसी डेडलाइनदे दी है, जिसने पटना से लेकर दिल्ली तक हलचल मचा दी है। रोहतास के डेहरी पहुंचे बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने न केवल अगले मुख्यमंत्री को लेकर बड़ी बात कही, बल्कि नीतीश कुमार के भविष्य पर भी एक ऐसा बयान दिया जो काफी कुछ इशारा कर रहा है।

बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मनोज तिवारी ने सस्पेंस को एक नया मोड़ दे दिया है। डेहरी में एक कार्यक्रम के दौरान जब पत्रकारों ने उनसे बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने दो-टूक अंदाज़ में कहा कि— आगामी 10 अप्रैल तक सब साफ हो जाएगा कि बिहार की कमान किसके हाथों में होगी। मनोज तिवारी का यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है। मनोज तिवारी ने संकेतों में यह भी कह दिया कि उम्र का तकाज़ा सबके सामने आता है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि बिहार में अब एक नए युग की शुरुआत होने वाली है।

भले ही मुख्यमंत्री बदलने की चर्चा हो, लेकिन मनोज तिवारी ने नीतीश कुमार के प्रति अपना सम्मान जताने में कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि नीतीश जी ने बिहार की छवि को दुनिया के सामने बदल कर रख दिया है। जिस दौर में उन्हें बिहार मिला था, वहाँ से निकालकर आज वे इसे जिस मुकाम पर लाए हैं, उसके लिए पूरा प्रदेश उनकी प्रशंसा कर रहा है। तिवारी ने साफ़ किया कि चाहे परिस्थितियां जो भी हों, नीतीश कुमार उनके नेता थे और हमेशा रहेंगे। उन्होंने उम्र के साथ आने वाले बदलावों को एक स्वाभाविक प्रक्रिया बताया, लेकिन विकास के लिए मुख्यमंत्री के विज़न की जमकर सराहना की।

विपक्ष द्वारा नीतीश कुमार पर लगाए जा रहे परिवारवाद के आरोपों को मनोज तिवारी ने हास्यास्पद करार दिया। उन्होंने सीधे तौर पर उन नेताओं को घेरा जिन्होंने खुद पद पर रहते हुए अपनी पत्नी और बच्चों को संवैधानिक कुर्सियों पर बैठा दिया है। मनोज तिवारी ने कहा कि— जो लोग अपने पूरे खानदान को राजनीति में सेट कर चुके हैं, वे नीतीश कुमार जैसे ईमानदार व्यक्ति पर आरोप लगाकर खुद से झूठ बोल रहे हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी और एनडीए में प्रतिभा को महत्व दिया जाता है, न कि किसी खास परिवार के नाम को।

मनोज तिवारी ने 10 अप्रैल की जो लकीर खींची है, उसने बिहार की राजनीति में काउंटडाउनशुरू कर दिया है। क्या इस तारीख को वाकई कोई बड़ा धमाका होगा? क्या बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलेगा या नीतीश कुमार की कोई नई चाल सामने आएगी? इंतज़ार बस कुछ ही दिनों का है।

 

 

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