पटना के बहुचर्चित कोचिंग विवाद और फायरिंग मामले में आरोपी बनाए गए और पुलिस के डर से लगातार फरार चल रहे खान सर को अदालत से एक बहुत बड़ी संजीवनी मिल गई है। मंगलवार को पटना के जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर एक बेहद अहम सुनवाई हुई।
दोनों पक्षों की कड़क दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने खान सर को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई और गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। यानी अब पुलिस खान सर को गिरफ्तार नहीं कर पाएगी।
पटना के कदमकुआं थाने में दर्ज इस हाई-प्रोफाइल मामले में खान सर की तरफ से कानूनी लड़ाई तेज कर दी गई थी। खान सर ने बीते 6 जून को पटना व्यवहार न्यायालय में अपनी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए याचिका दायर की थी। इसके बाद 8 जून को यह बेल पिटीशन कोर्ट में रजिस्टर्ड हुई और आज यानी 9 जून को इस पर जिला जज के सामने जोरदार बहस हुई।
सुनवाई के दौरान खान सर के वकीलों यानी बचाव पक्ष ने अदालत को साफ शब्दों में बताया कि इस पूरे फायरिंग कांड और विवाद में खान सर का प्रत्यक्ष यानी सीधे रूप से कोई भी आपराधिक कृत्य नहीं है। उन्हें इस मामले में पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद तरीके से आरोपी बनाया गया है। दूसरी तरफ, सरकारी वकील और पुलिस ने कोर्ट के सामने एफआईआर (FIR) और अब तक की जांच से जुड़ी जानकारियां रखीं, जिसके बाद कोर्ट ने खान सर को अगली सुनवाई तक अंतरिम राहत प्रदान कर दी।
गौरतलब है कि यह पूरा मामला पटना के एक नामी कोचिंग संस्थान से जुड़े विवाद के बाद हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से शुरू हुआ था। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, जिसके आधार पर कदमकुआं थाना पुलिस ने केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी। पुलिस जांच के अनुसार, इस फायरिंग कांड में कोचिंग संस्थान से जुड़े दो सुरक्षा गार्डों (गार्ड्स) की मुख्य और एक्टिव भूमिका सामने आई थी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन दोनों गार्डों को पहले ही दबोच लिया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में बंद हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने पिछली सुनवाई में ही पुलिस से केस डायरी और जांच से जुड़े तमाम पुख्ता दस्तावेज तलब किए थे। अब कोर्ट ने खान सर को पुलिसिया कार्रवाई से प्रोटेक्शन तो दे दिया है, लेकिन मामले की अगली सुनवाई में पुलिस की पूरी जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों पर अदालत दोबारा विस्तार से विचार करेगी।
अदालत से यह अंतरिम राहत मिलने से पहले तक खान सर के सिर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। फायरिंग विवाद के बाद से ही खान सर अचानक पटना से फरार हो गए थे और उनका कुछ पता नहीं चल पा रहा था। राजनीतिक और कानूनी गलियारों में यह दावा किया जा रहा था कि पुलिस के कड़े शिकंजे और जेल जाने के डर से खान सर अंडरग्राउंड हो गए हैं।
क्योंकि कोर्ट से राहत मिलने से पहले तक पुलिस की स्पेशल टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार हर संभावित ठिकाने पर दबिश दे रही थीं। खुद पटना के एसएसपी कार्तिक शर्मा ने मीडिया को जानकारी दी थी कि खान सर को गिरफ्तार करने के लिए पटना के साथ-साथ उसके आसपास के कई पड़ोसी जिलों में पुलिस की टीमें लगातार भयंकर छापेमारी कर रही हैं। लेकिन इससे पहले कि पुलिस के हाथ खान सर के गिरेबान तक पहुंचते, कानून के सुरक्षा कवच ने उन्हें बचा लिया।
पटना कोर्ट के इस फैसले से निश्चित तौर पर खान सर ने राहत की सांस ली होगी, लेकिन पुलिस के लिए यह एक बड़ा झटका है क्योंकि अब अगली सुनवाई तक वे खान सर को हाथ भी नहीं लगा सकते। अब देखना होगा कि अगली सुनवाई में जब पुलिस अपनी फाइनल केस डायरी कोर्ट के सामने रखेगी, तो इस केस में क्या नया मोड़ आता है।

