सिनेमा में ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी के 60 साल पूरे, डायमंड जुबली पर ‘हेमा मालिनी – लाइव इन कंसर्ट’ का भव्य आयोजन

भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो वक्त के साथ पुराने नहीं होते, बल्कि उनकी चमक और बढ़ जाती है। ऐसा ही एक नाम है— बॉलीवुड की इकलौती और सदाबहार ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी का! हेमा मालिनी ने सिनेमा की दुनिया में अपने शानदार और बेमिसाल 60 साल पूरे कर लिए हैं।

इस ऐतिहासिक डायमंड जुबली के मौके पर आर जे अनिरुद्ध चावला की ओर से एक बेहद भव्य कॉन्सर्ट ‘हेमा मालिनी – लाइव इन कंसर्ट’ का आयोजन किया गया। अपने 60 साल के करियर में पहली बार हेमा मालिनी ने इस तरह के लाइव कॉन्सर्ट के जरिए फैंस को अपने पूरे सफर की सैर कराई। जहां सुरों का ऐसा कारवां सजा कि देखने वाले देखते रह गए।

इस शाम की सबसे बड़ी खासियत था एक विशाल ऑर्केस्ट्रा और उनके साथ सुर मिलाने वाले संगीत जगत के दिग्गज, जिन्हें ‘हेमाजी के नौ रत्न’ का नाम दिया गया। इस खास महफिल में सुरेश वाडेकर, अनु मलिक, अनूप जलोटा, कविता कृष्णमूर्ति, सुदेश भोसले, शब्बीर कुमार, पद्मिनी कोल्हापुरे, विजेता पंडित और पूर्णिमा श्रेष्ठ जैसे दिग्गजों ने अपनी जादुई आवाज से समां बांध दिया।

इस म्यूजिकल कॉन्सर्ट के जरिए हेमा मालिनी की ब्लॉकबस्टर फिल्मों के टाइमलेस गानों और अनफॉरगेटेबल यादों को एक बार फिर मंच पर जीवंत कर दिया गया, जिसे सुन वहां मौजूद हर शख्स भावुक और रोमांचित हो उठा।

ड्रीम गर्ल के इस ऐतिहासिक सफर का गवाह बनने के लिए बॉलीवुड के वो दिग्गज पहुंचे जिन्होंने हेमा मालिनी के इस सफर को तराशने में अहम भूमिका निभाई थी। इवेंट में सदाबहार एक्टर जीतेंद्र, शॉटगन शत्रुघ्न सिन्हा, दिग्गज फिल्म मेकर राकेश रोशन, पूनम ढिल्लों, माधू और खुद शोले के डायरेक्टर रमेश सिप्पी अपनी पत्नी किरन जुनेजा के साथ नजर आए।

इनके अलावा बाबुल सुप्रियो और संजीव गुप्ता समेत मनोरंजन जगत की कई बड़ी हस्तियां इस ऐतिहासिक डायमंड जुबली सेलिब्रेशन का हिस्सा बनीं। सभी ने हेमा मालिनी के साथ बिताए पुराने दिनों की यादें ताजा कीं और सिनेमा में उनके योगदान को सलाम किया।

इस रंगारंग शाम का सबसे भावुक पल वो था, जब बॉलीवुड के असली ‘ही-मैन’ और हेमा मालिनी के हमसफर यानी लीजेंड्री एक्टर धर्मेंद्र को एक बेहद खास और दिल छू लेने वाला ट्रिब्यूट दिया गया। दोनों की ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन केमिस्ट्री के सुनहरे पलों को याद कर पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

हेमा मालिनी का 60 साल का यह सफर सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा का एक गौरवशाली इतिहास है। आर जे अनिरुद्ध चावला की इस अनोखी पहल और बॉलीवुड के इस महासंगम ने वाकई इस डायमंड जुबली को हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बना दिया है।

 

 

Advertise with us