भोजपुरी सिनेमा में इन दिनों बयानों के ऐसे तीखे तीर चल रहे हैं, जिसने बॉक्स ऑफिस और सोशल मीडिया का तापमान सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। अभी कुछ ही दिन पहले गोरखपुर के सांसद और मेगास्टार रवि किशन ने मंच से एक बड़ा बयान देते हुए कहा था कि— ‘इंडस्ट्री में कुछ लोग स्टार बनने के बाद बदल जाते हैं, जो पहले पैर छूते थे, वो अब सिर्फ घुटनों तक हाथ लगाते हैं।‘ रवि किशन का यह इशारा सीधे तौर पर आज के दौर के बड़े स्टार्स की तरफ था।
अब इस सीधे वार पर भोजपुरी के ‘बाहुबली‘ खेसारी लाल यादव ने चुप्पी तोड़ी है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरान खेसारी लाल ने रवि किशन को बड़ा भाई तो बताया, लेकिन उनके बयान की ऐसी धज्जियां उड़ाईं कि हर कोई दंग रह गया। खेसारी ने सीधे तौर पर महानायक अमिताभ बच्चन और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम घसीटते हुए रवि किशन को ‘दंडवत प्रणाम‘ करने की नसीहत दे डाली है।
भोजपुरी इंडस्ट्री में अपनी बेबाकी के लिए मशहूर खेसारी लाल यादव ने इस इंटरव्यू में रवि किशन के उस ‘पैर बनाम घुटने‘ वाले बयान पर बेहद कड़ा और तार्किक जवाब दिया। जब खेसारी से रवि किशन के उस तंज पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि रवि किशन उनके बड़े भाई जैसे हैं, लेकिन उन्होंने भरे मंच से ऐसा बयान क्यों दिया, यह बात आज तक उनकी समझ से परे है।
अहंकार और बड़प्पन की परिभाषा समझाते हुए खेसारी लाल बोले— ‘दुनिया में जो लोग सच में बड़े, महान और अच्छे होते हैं, वो कभी किसी को अपने पैर छूने तक नहीं देते। उनके अंदर एक अलग ही तरह का बड़प्पन और शालीनता होती है। रही बात संस्कार की, तो हम आज भी अपने पिता के पैर छूते हैं, क्योंकि उन्होंने हमें जन्म दिया है। लेकिन हम उनके भी घुटनों तक ही हाथ लगाकर आशीर्वाद लेते हैं, इसमें हमारा सम्मान कम नहीं होता।‘
बात सिर्फ संस्कारों और बड़प्पन तक ही नहीं रुकी, खेसारी लाल यादव ने इसके बाद रवि किशन पर सीधे तौर पर एक ऐसा तंज कसा जिससे राजनीति और सिनेमा दोनों गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। खेसारी ने सीधे तौर पर रवि किशन के खुद से सीनियर नेताओं और एक्टर्स के सामने झुकने के तौर-तरीकों पर सवाल उठा दिया।
खेसारी लाल यादव ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा— ‘हो सकता है कि रवि भैया को पर्सनली ऐसा लगा हो कि मुझे उन्हें देखकर जमीन पर दंडवत प्रणाम करना चाहिए था। लेकिन मुझे नहीं लगता कि उन्होंने भी अपने जीवन में अपने से हर बड़े इंसान को दंडवत प्रणाम किया होगा। अगर सच में ऐसा है और उनकी यही सोच है, तो फिर उन्हें भी बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन जी या फिर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सामने देखते ही दंडवत कर लेना चाहिए था, उनके सामने साष्टांग लेट जाना चाहिए था।‘ खेसारी का यह बयान सीधे तौर पर रवि किशन के उस बयान पर करारा तमाचा था जिसमें उन्होंने नए स्टार्स के रवैये पर सवाल उठाए थे।
खेसारी लाल यादव के इस ‘साष्टांग प्रणाम‘ और ‘प्रधानमंत्री मोदी-अमिताभ बच्चन‘ वाले बयान ने भोजपुरी और राजनीतिक गलियारों में एक नया बवंडर खड़ा कर दिया है। खेसारी ने साफ कर दिया है कि सम्मान दिल में होता है, न कि इस बात में कि कोई कितना झुककर पैर छू रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि खेसारी के इस सीधे पलटवार पर रवि किशन क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

