बिहार के मुख्यमंत्री की कमान संभालने के बाद सम्राट चौधरी आज अपनी पहली दिल्ली यात्रा पर रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी यह पहली औपचारिक मुलाकात थी। बिहार के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा है, ऐसे में इस मुलाकात के मायने काफी बड़े हैं। सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी से राज्य के समग्र विकास पर मार्गदर्शन लिया। लेकिन क्या इस मुलाकात के बंद कमरों में कैबिनेट विस्तार और मंत्रियों के नामों पर भी मुहर लग गई है?
बीते 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के ठीक पांच दिन बाद सम्राट चौधरी नई दिल्ली पहुंचे। प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात में सीएम ने पीएम मोदी को बिहार की कमान संभालने के बाद की स्थिति से अवगत कराया। मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि— ‘प्रधानमंत्री जी का स्नेह और सहयोग बिहार की प्रगति को नई गति प्रदान कर रहा है।‘ भले ही पीएम मोदी व्यस्तता के कारण शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सके थे, लेकिन आज की इस गर्मजोशी भरी मुलाकात ने दिल्ली और पटना के बीच के मजबूत सेतु का संकेत दे दिया है।
इस मुलाकात का सबसे बड़ा एजेंडा कैबिनेट विस्तार माना जा रहा है। वर्तमान में सरकार सिर्फ मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों (विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव) के सहारे चल रही है। सूत्रों की मानें तो सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री के साथ संभावित मंत्रियों के नामों और विभागों के बंटवारे पर विस्तार से चर्चा की है। बीजेपी और जेडीयू के बीच तालमेल बिठाते हुए एक ऐसी टीम तैयार करने की चुनौती है, जो 2026 के लक्ष्यों को पूरा कर सके। माना जा रहा है कि दिल्ली से लौटते ही सीएम सम्राट अपनी कैबिनेट का विस्तार करेंगे और जल्द ही मंत्रियों को उनके विभाग सौंप दिए जाएंगे।
सम्राट चौधरी के लिए यह दौरा अपनी ताकत और विजन दिखाने का भी था। बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर उन पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का भारी भरोसा है। प्रधानमंत्री से उन्हें राज्य में निवेश लाने, कानून व्यवस्था सुधारने और सुशासन को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने का ‘टास्क‘ मिला है। जनकल्याण के विषयों पर मिले इस मार्गदर्शन के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि बिहार में प्रशासनिक फेरबदल और नई योजनाओं की घोषणाओं में तेज़ी आएगी। सम्राट का आत्मविश्वास बता रहा है कि वे प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत‘ के सपने में ‘विकसित बिहार‘ की भूमिका तय करने के लिए तैयार हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की यह मुलाकात बिहार की नई सरकार को नई ऊर्जा देने वाली साबित होगी। अब देखना यह है कि दिल्ली से मिले ‘ग्रीन सिग्नल‘ के बाद सम्राट कैबिनेट में किन चेहरों को जगह मिलती है और विभागों का बंटवारा कितनी पारदर्शिता के साथ होता है।

