पटना: बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ जिसने सियासत से लेकर पुलिस महकमे तक हड़कंप मचा दिया। वीडियो में एक शख्स खुद को ‘एंटी बीजेपी‘ बताकर एक युवक को थप्पड़ मार रहा है, उसे बिजली के कटर से उंगली काटने की धमकी दे रहा है और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम ले रहा है। दावा किया गया कि युवक को पीटने वाला पटना पुलिस का जवान है। लेकिन जब पटना पुलिस ने इसकी गहराई से पड़ताल की, तो खाकी की आड़ में छिपे अपराधियों का सच सामने आ गया।
सोशल मीडिया पर वायरल वो खौफनाक वीडियो… जिसमें एक युवक हाथ जोड़े गिड़गिड़ा रहा है, लेकिन सामने खड़ा शख्स उस पर थप्पड़ बरसा रहा है। वीडियो में कहा गया— तू सम्राट चौधरी के यहां रहता है रे? हम तो खुद एंटी बीजेपी हैं। इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर पटना पुलिस की जमकर किरकिरी हुई। लोगों को लगा कि खाकी वर्दी की धौंस में कोई पुलिसवाला गुंडागर्दी कर रहा है। लेकिन पटना पुलिस ने जब जांच-पड़ताल किया, तो सच्चाई कुछ और ही निकली।
जांच में पता चला कि यह घटना किसी थाने की नहीं, बल्कि कंकड़बाग स्थित ‘विशाल मेगा मार्ट‘ के अंदर की है। 31 दिसंबर की रात एक युवक पर कपड़ा चोरी का आरोप लगा था, जिसके बाद मार्ट के कर्मचारियों ने कानून अपने हाथ में ले लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक राशीद इकबाल है, जो पहले इसी मॉल में मैनेजर था और दूसरा गोरख गिरी है, जो वहाँ सफाईकर्मी है। पुलिस ने साफ कर दिया कि वीडियो में दिख रहा शख्स पुलिसवाला नहीं था, बल्कि उसने केवल खाकी रंग की पैंट पहन रखी थी।
आरोपियों ने 10 गुना जुर्माना वसूलने के लिए युवक को कटर से डराया और उसका वीडियो बनाया। पटना ईस्ट के एसपी परिचय कुमार ने स्पष्ट किया कि आरोपियों का बिहार पुलिस से कोई संबंध नहीं है और उनके खिलाफ कंकड़बाग थाने में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
पटना पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज सच नहीं होती। खाकी पैंट पहनकर और बड़े नेताओं का नाम लेकर गुंडागर्दी करने वालों की जगह अब जेल की सलाखें हैं।

