बिहार की राजधानी पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। जांच की आंच बढ़ते ही प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘शंभू गर्ल्स हॉस्टल‘ को खाली कराकर उसे सील कर दिया है। जहाँ एक तरफ अपनी आंखों के सामने हॉस्टल खाली होते देख परिजनों का सब्र टूट गया, वहीं दूसरी तरफ सूबे के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि पुलिस को ‘फ्री हैंड‘ दे दिया गया है।
पटना के उस शंभू गर्ल्स हॉस्टल में आज सन्नाटा पसरा है, जहाँ कुछ दिन पहले तक नीट की तैयारी कर रही छात्राओं के सपनों की गूंज थी। छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद सुरक्षा और नियमों की अनदेखी के आरोपों के बीच प्रशासन ने पूरे हॉस्टल को खाली करा लिया है। अपनी बेटियों को वहां से ले जाते समय परिजनों के चेहरे पर डर और व्यवस्था के प्रति नाराजगी साफ दिखी। फिलहाल हॉस्टल को बंद कर दिया गया है, जिससे अब हॉस्टल संचालन के मानकों पर एक नई बहस छिड़ गई है।
इस संवेदनशील मामले पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी अपराधी को बचाने के पक्ष में नहीं है। सम्राट चौधरी के मुताबिक, जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन हो चुका है और पटना आईजी से लेकर बिहार के डीजीपी तक खुद इस केस की पल-पल की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। एडीजी सीआईडी ने भी मौके पर जाकर साक्ष्यों की समीक्षा की है। सरकार का संदेश साफ है—दोषी चाहे कोई भी हो, उसे पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा।
छात्रा की मौत के बाद बिहार की सियासत भी गरमा गई है। विपक्षी दल छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। सवाल सिर्फ एक मौत का नहीं है, बल्कि पटना में बेलगाम खुले उन हॉस्टलों का है जहाँ सुरक्षा के कोई मानक नहीं हैं। फिलहाल सभी की नजरें एसआईटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह साफ करेगी कि यह आत्महत्या थी या कोई बड़ी साजिश।

