पटना के शंभू हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत का मामला अब एक बड़ा प्रशासनिक संकट बन गया है। एक तरफ पीड़ित मां का कलेजा फट रहा है और वह पुलिस पर नोटों की गड्डियों में बिकने का आरोप लगा रही हैं, तो दूसरी तरफ सरकार की साख दांव पर लगी है। इस बीच, डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा कदम उठाते हुए बिहार के डीजीपी और मुख्य सचिव को अपने घर पर तलब किया है।
न्याय की उम्मीद में पटना पहुँची नीट छात्रा की मां का सब्र आज टूट गया। डीजीपी विनय कुमार से मुलाकात के बाद मां ने कैमरे के सामने चिल्लाते हुए पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि डीएसपी, एसपी और पूरी पुलिस बिक चुकी है। उन्हें नोटों की गड्डियां मिल गई हैं और वे उनकी बेटी को कभी न्याय नहीं देंगे। परिजनों का साफ आरोप है कि पुलिस रेप के एंगल को दबाकर मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रही है।
परिजनों का दर्द देखने के बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी एक्शन मोड में आ गए। उन्होंने तुरंत मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार को अपने आवास पर बुलाया। इस हाई-लेवल बैठक में पटना के आईजी जितेंद्र राणा और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के साथ एसआईटी (SIT) की पूरी टीम मौजूद है। सम्राट चौधरी एक-एक बिंदु पर मामले की समीक्षा कर रहे हैं। चर्चा है कि जांच में देरी और पुलिस के ढीले रवैये को लेकर किसी बड़े अधिकारी पर गाज गिर सकती है।
परिजनों का कहना है कि पुलिस जानबूझकर केस को दूसरी दिशा में मोड़ने की साजिश कर रही है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट में हो रही देरी ने इस अविश्वास को और बढ़ा दिया है। अब सबकी नजरें सम्राट चौधरी की इस बैठक पर टिकी हैं। क्या वे केस को किसी दूसरी एजेंसी को सौंपेंगे या पुलिस को अल्टीमेटम देंगे?

