मुंबई: ग्लैमर वर्ल्ड के बेताज बादशाह मनीष मल्होत्रा ने प्रोडक्शन की दुनिया में भी अपनी धाक जमा दी है। उनकी ताज़ा पेशकश ‘गुस्ताख़ इश्क़ – कुछ पहले जैसा’ ने सिनेमाघरों में आते ही दर्शकों के ज़हन में बरसों पुरानी, भूली बिसरी मोहब्बत को फिर से ताज़ा कर दिया है। दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के साथ विजय वर्मा, फ़ातिमा सना शेख़ और शरीब हाशमी जैसे शानदार कलाकारों से सजी यह फ़िल्म इन दिनों ‘मस्ट वॉच’ की लिस्ट में टॉप पर है।
सुकून भरी दास्तान जो दिल में उतर गई
आजकल की भागदौड़ भरी, तेज़ी से बदलती कहानियों के बीच, ‘गुस्ताख़ इश्क़’ एक ठंडी बयार की तरह आई है। यह अपनी शांत, गहरी और दिल को छू लेने वाली बुनावट से दर्शकों को सच्चे इश्क़ का एहसास कराती है। फ़िल्म की ख़ासियत यह है कि यह उस एहसास को लौटाती है, जो धीरे-धीरे पनपता है, दिल के कोने में जगह बनाता है और परदे पर क्रेडिट्स ख़त्म होने के बाद भी साथ रहता है।
सोशल मीडिया पर प्यार का सैलाब
दर्शक इस फ़िल्म के दीवाने हो चुके हैं! सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर इसकी तारीफ़ों की बाढ़ आ गई है। नेटिज़न्स इसे सिर्फ़ एक फ़िल्म नहीं, बल्कि ‘कला और ज़िंदगी का खूबसूरत संगम’ बता रहे हैं। फ़िल्म की रूह को और भी ख़ूबसूरती दी है महान गीतकार गुलज़ार साहब के गीतों ने, जो सीधे दिल पर दस्तक देते हैं।
फ़िल्म की कहानी, उसके शानदार संवाद और पुरानी तहज़ीब वाली शायरी दर्शकों के लिए किसी मुख्य पात्र से कम नहीं है। युवा पीढ़ी भी इसे ‘आज के शोरगुल में एक मीठा, पुराना ख़त’ जैसा मान रही है।
समीक्षकों की नज़र में ‘आज का मुग़ल-ए-आज़म’
फ़िल्म समीक्षक भी ‘गुस्ताख़ इश्क़’ की तारीफ़ करते नहीं थक रहे हैं। समीक्षकों को कलाकारों का दमदार अभिनय, कहानियों की भावनात्मक गहराई, विजय वर्मा और फ़ातिमा सना शेख़ के बीच की लाजवाब केमिस्ट्री और फ़िल्म का सुकून देने वाला संगीत बेहद पसंद आया है।
एक जाने-माने क्रिटिक ने तो यहाँ तक कह दिया कि यह फ़िल्म आज के ज़माने की “मुग़ल-ए-आज़म” है, जो इसके क्लासिक स्टेटस को दर्शाती है।
मनीष मल्होत्रा और उनके भाई दिनेश मल्होत्रा के प्रोडक्शन हाउस स्टेज5 के बैनर तले बनी तथा विभु पुरी द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म उन सभी के लिए एक ज़रूरी अनुभव है, जो सिनेमा में जज़्बात और पुरानी मोहब्बत की सादगी को ढूंढते हैं। फ़िल्म अभी भी सिनेमाघरों में सफलतापूर्वक चल रही है।

