बिहार विधानसभा में भारी बवाल, चौकीदार लाठीचार्ज पर आमने-सामने आए नीतीश कुमार और भाई वीरेंद्र

पटना: बिहार विधानसभा की कार्यवाही आज सदन कम और अखाड़ा ज्यादा नजर आई। मुद्दा था पटना की सड़कों पर चौकीदारों पर हुआ लाठीचार्ज, लेकिन बात पहुँच गई मुख्यमंत्री के गुस्से और आरजेडी विधायकों की संख्या बल तक। नीतीश कुमार आज इस कदर भड़क गए कि उन्होंने सीधे भाई वीरेंद्र को उनकी औकात और संख्या की याद दिला दी।

मंगलवार सुबह जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष के तेवर तल्ख थे। आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत ने सोमवार को पटना की सड़कों पर चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। देखते ही देखते विपक्षी विधायक वेल में पहुँच गए। नारेबाजी शुरू हो गई— ‘लाठी-गोली की सरकार नहीं चलेगी’। आरजेडी का आरोप था कि हक मांग रहे चौकीदारों को पुलिस ने बेरहमी से पीटा है।

हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने बचाव की कोशिश की, लेकिन विपक्षी शोर के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सब्र टूट गया। नीतीश कुमार अपनी सीट से खड़े हुए और सीधा हमला बोला आरजेडी के वरिष्ठ नेता भाई वीरेंद्र पर। नीतीश ने तल्ख लहजे में कहा— ‘बैठिए, आप लोगों को कुछ पता है? आपकी संख्या कितनी कम है सदन में देख रहे हैं न? आप लोगों ने कभी कोई काम नहीं किया है, सिर्फ हल्ला करना जानते हैं’।

नीतीश के इस वार से सदन में हंगामा और बढ़ गया। आरजेडी विधायक वेल के और करीब आ गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मार्शलों को बीच-बचाव करना पड़ा और विधायकों के हाथों से विरोध की तख्तियां जबरन छीन ली गईं। सरकार की तरफ से मंत्री विजय चौधरी ने साफ किया कि प्रशासन चौकीदारों की मांगों की जांच करेगा, लेकिन विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए।

दरअसल, कल यानी सोमवार को पटना का जेपी गोलंबर जंग का मैदान बना था। अपनी सैलरी बढ़ाने और सर्विस नियमों में सुधार की मांग को लेकर हजारों चौकीदारों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी थी। जिसके बाद पुलिस ने उन पर जमकर लाठियां बरसाईं। इसी जख्म पर आज सदन में सियासत की नमक छिड़की जा रही है।

सदन के भीतर की इस लड़ाई ने साफ कर दिया है कि चौकीदारों का मुद्दा आने वाले दिनों में बिहार की सियासत को और गर्म करेगा। एक तरफ विपक्ष लाठीचार्ज को हथियार बना रहा है, तो दूसरी तरफ नीतीश कुमार ने साफ कर दिया है कि वे बैकफुट पर नहीं आने वाले।

 

 

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