पटना: बिहार की राजधानी पटना में बुलडोजर के एक्शन पर भारी बवाल हो गया है। कंकड़बाग में जब नगर निगम की टीम दिव्यांग भवन के पास अवैध निर्माण हटाने पहुँची, तो वहाँ मौजूद भीड़ बेकाबू हो गई। झोपड़ी में रहने वाले लोगों ने पुलिस और निगम कर्मियों पर पत्थरों की बारिश कर दी। इस हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी लहूलुहान हुए हैं और बुलडोजर तक को निशाना बनाया गया है।
पटना नगर निगम की टीम जैसे ही दिव्यांग भवन के पास अतिक्रमण हटाने पहुँची, स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बिना किसी चेतावनी के अचानक हुई पत्थरबाजी ने प्रशासन को संभलने का मौका तक नहीं दिया। प्रदर्शनकारियों ने न केवल कर्मियों को पीटा, बल्कि बुलडोजर के शीशे भी चकनाचूर कर दिए। स्थिति को बिगड़ता देख लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की और घंटों तक ट्रैफिक जाम रखा।
पत्थरबाजी के बीच वहाँ मानवीय त्रासदी का मंजर भी साफ दिख रहा था। झोपड़ियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि वे सालों से यहाँ गुजर-बसर कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें कहीं और बसाने की जगह सीधे उजाड़ने का रास्ता चुना। रोती-बिलखती महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके सर से छत छीनी जा रही है। लोगों की मांग है कि सरकार पहले उन्हें रहने के लिए वैकल्पिक जगह दे, उसके बाद ही यहाँ से बुलडोजर चलाए।
इस हिंसक झड़प में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ गईं। इंस्पेक्टर सुजीत कुमार के मुताबिक, पत्थरबाजी में दो नगर निगम अधिकारी और तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया। हंगामा कर रहे लोगों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उजाड़ा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा— “जब तक सरकार हमारे रहने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करेगी, हम यहां से नहीं हटेंगे।“
भारी पुलिस बल के पहुँचने के बाद फिलहाल स्थिति पर काबू पा लिया गया है, लेकिन इलाके में तनाव बरकरार है। बता दें कि बीते शनिवार को भी शहर के एक दर्जन से अधिक इलाकों में बुलडोजर चला था, लेकिन कंकड़बाग की इस हिंसा ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि नगर निगम अपने अभियान को जारी रखता है या विरोध के आगे कदम पीछे खींचता है।
पटना में बुलडोजर के खिलाफ यह आक्रोश अब हिंसक रूप ले चुका है। प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि वह शहर को अतिक्रमण मुक्त भी करे और इन बेघर लोगों के गुस्से को भी शांत करे। फिलहाल कंकड़बाग में भारी पुलिस बल तैनात है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

