पटना: सियासत में जब कद बढ़ता है, तो उसका जश्न भी बड़ा होता है। भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन आज जब दिल्ली से पटना पहुंचे, तो नजारा किसी ऐतिहासिक उत्सव जैसा था। पटना एयरपोर्ट से लेकर मिलर हाई स्कूल के मैदान तक, समूचा शहर भगवा रंग में रंगा नजर आया। हाथी, घोड़े, ऊंट और ढोल-नगाड़ों के साथ हुए इस स्वागत ने साफ कर दिया है कि बिहार बीजेपी अब एक नई ऊर्जा के साथ मैदान में है।
तस्वीरें गवाह हैं उस उत्साह की, जो आज पटना की सड़कों पर देखने को मिला। बांकीपुर के विधायक से बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के सफर तक पहुंचे नितिन नबीन का आज अपने गृह राज्य में पहला कदम था। जैसे ही वे पटना एयरपोर्ट से बाहर निकले, कार्यकर्ताओं का सब्र जवाब दे गया। ‘नितिन नबीन जिंदाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से आसमान गूंज उठा। हालात ऐसे थे कि सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए समर्थक अपने नेता के करीब पहुंच गए और रथ को गेट से बाहर निकलने में ही मशक्कत करनी पड़ी।
इस रथ पर सिर्फ नितिन नबीन नहीं थे, बल्कि बिहार सरकार और संगठन का पूरा रसूख मौजूद था। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की मौजूदगी ने पार्टी की एकजुटता का बड़ा संदेश दिया। नेताओं का यह काफिला जैसे-जैसे आगे बढ़ा, पुष्प वर्षा के बीच कार्यकर्ताओं का जोश भी परवान चढ़ता गया। स्वागत सिर्फ फूलों तक सीमित नहीं था। रोड शो की शोभा बढ़ाने के लिए खास तौर पर हाथी, ऊंट और घोड़ों का इंतजाम किया गया था। जगह-जगह भव्य स्वागत द्वार और तोरण द्वार लगाए गए थे, जो इस रोड शो को एक ऐतिहासिक शक्ल दे रहे थे।
लेकिन इस सियासी जश्न की एक दूसरी तस्वीर भी थी। रोड शो की वजह से पटना एयरपोर्ट और नेहरू पथ के आसपास की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें फ्लाइट पकड़ने आए यात्री बेबस नजर आए। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्री अपना सामान ढोते हुए पैदल एयरपोर्ट की ओर भागते दिखे। पुलिस प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद भीड़ के आगे यातायात व्यवस्था पूरी तरह बेबस नजर आई। राजनीतिक रूप से इस दौरे के मायने बड़े हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नबीन को मिली यह बड़ी जिम्मेदारी और पटना में हुआ यह शक्ति प्रदर्शन, आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भरने और पार्टी की जमीनी पकड़ को दिखाने का एक सोचा-समझा रणनीतिक कदम है।
6 किलोमीटर का यह लंबा सफर जब मिलर हाई स्कूल मैदान पहुंचा, तब तक सड़कों पर कार्यकर्ताओं की मौजूदगी बनी रही। नितिन नबीन ने हाथ हिलाकर सबका आभार जताया, लेकिन उनके चेहरे की चमक बता रही थी कि उन्हें दी गई जिम्मेदारी की गूंज अब दिल्ली से लेकर पटना की गलियों तक सुनाई दे रही है।
नितिन नबीन का ये रोड शो बजेपी के लिए केवल एक स्वागत समारोह नहीं, बल्कि एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन साबित हुआ है। सड़कों पर उमड़ी भीड़ और दिग्गजों की मौजूदगी ने संगठन की मजबूती को तो दिखाया ही है, साथ ही ये भी साफ कर दिया हे की आने वाले समय में बिहार की राजनीति में नितिन नबीन की भूमिका और भी अहम होने वाली है।

