नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के चितरंजन पार्क स्थित देशबन्धु चितरंजन मैमोरियल संस्था में अंगदान और देहदान जैसे महान और पुनीत कार्य के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य ध्येय समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर लोगों को इस निष्काम सेवा भाव से जोड़ना था।
अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की उपप्रधान सुष्मिता चक्रवर्ती एवं सचिव डॉ. देबाशीष धर द्वारा किया गया। उन्होंने समिति का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों और सदस्यों का आत्मीय स्वागत किया तथा मुख्य वक्ताओं को अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित किया।
चिकित्सा एवं सामाजिक दृष्टिकोण पर गहन चर्चा
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मेडिकल पक्ष: कार्यक्रम की प्रमुख वक्ता प्रो. (डॉ.) रेणु चौहान ने अंगदान और देहदान के चिकित्सीय (मेडिकल) पहलुओं पर एक अत्यंत प्रभावी प्रस्तुति दी। उन्होंने विषय पर गहन चर्चा करते हुए उपस्थित लोगों के मन में उठ रहे तमाम शंकाओं और प्रश्नों का संतोषजनक समाधान किया।
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समिति की कार्यप्रणाली: समिति की ओर से डॉ. विशाल चड्ढा ने संस्था की रूपरेखा, कार्यप्रणाली और अंगदान की प्रक्रिया को बेहद सरल भाषा में सभी के सामने रखा। उन्होंने लोगों की उत्सुकता और जिज्ञासाओं का कुशलतापूर्वक निवारण किया।
संकल्प और जन-सहयोग
जागरूकता के इस सार्थक प्रयास का सकारात्मक असर भी देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों के बीच ब्रोशर वितरित किए गए और कई लोगों ने अंगदान/देहदान के संकल्प पत्र लिए। इस दौरान एक पूर्ण रूप से भरा हुआ संकल्प पत्र ₹1,000 के दान के साथ प्राप्त हुआ, जिसके लिए समिति ने आभार व्यक्त किया।
विशेष योगदान और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के सुनियोजित संचालन और सफलता में (डॉ.) प्रीति राय का विशेष योगदान रहा। उन्होंने सभी उपस्थित सदस्यों से इस नेक कार्य में निरंतर आगे रहने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के अंत में संस्था की उपप्रधान सुष्मिता चक्रवर्ती ने सभी वक्ताओं, आयोजकों और उपस्थित सदस्यों का धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर समिति के दक्षिण विभाग से दीपक गोयल, स्नेह गुप्ता, अनीता गुप्ता, सुनील गन्धर्व, अरुण शर्मा, डॉ. शिखा गर्ग, माधविका मदान एवं पूनम गोस्वामी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

