भोजपुरी सिनेमा के ‘हिट मशीन’ यानी खेसारी लाल यादव इन दिनों सिर्फ अपनी फिल्मों या गानों की वजह से नहीं, बल्कि देश और समाज के गंभीर मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। बांकीपुर उपचुनाव के दौरान प्रशांत किशोर के समर्थन में बोलकर बिहार की सियासत में हलचल मचाने वाले खेसारी लाल यादव ने अब देश के स्वास्थ्य सिस्टम यानी हेल्थ केयर को लेकर अपनी ‘मन की बात’ साझा कर दी है।
खेसारी लाल यादव ने देश की नई जनरेशन यानी Gen-Z को सीधा संबोधित करते हुए अपील की है कि जिस तरह युवाओं ने शिक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार को हिला दिया था… अब ठीक वैसा ही जनआंदोलन देश और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए होना चाहिए। खेसारी ने प्राइवेट अस्पतालों, हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों और दवा माफियाओं के बीच बने तंत्र पर ऐसा तीखा हमला बोला है कि हर आम आदमी का दर्द छलक पड़ा है।
आइए सबसे पहले आपको बताते हैं कि भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर क्या लिखा है। खेसारी ने अपने लंबे-चौड़े पोस्ट में देश के युवाओं, खासकर आज की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z को संबोधित करते हुए लिखा— ‘जिस तरह Gen-Z ने शिक्षा के मुद्दे पर ज़ोरदार आंदोलन करके बड़े बदलाव की शुरुआत की, उसी तरह अब देश और हमारे राज्य की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी एक व्यापक जनआंदोलन की सख्त जरूरत है।’
खेसारी का कहना है कि शिक्षा और परीक्षाओं के मुद्दे पर युवाओं की इस ताकत और सक्रियता का असर पूरे देश और समाज ने देखा भी है और महसूस भी किया है। अब समय आ गया है कि हमारी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और सस्ता बनाने के लिए भी युवा उसी तरह संगठित हों और अपनी आवाज़ बुलंद करें।
खेसारी लाल यादव ने अपनी इस पोस्ट में आम आदमी के उस सबसे बड़े दर्द पर उंगली रखी है, जिससे हर मध्यमवर्गीय परिवार रोज़ जूझता है। निजी अस्पतालों और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के नेक्सस पर सवाल उठाते हुए खेसारी ने लिखा— ‘आज के दौर में अगर किसी इंसान के पास हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) नहीं है, तो प्राइवेट अस्पताल में अपना या अपने परिवार का इलाज कराना लगभग नामुमकिन सा हो गया है।’ इसके साथ ही उन्होंने छोटे शहरों के सरकारी अस्पतालों की पोल खोलते हुए कहा कि वहाँ की बदहाली किसी से छिपी नहीं है।
खेसारी ने सीधा आरोप लगाया कि— ‘प्राइवेट अस्पतालों, इंश्योरेंस कंपनियों और दवा कंपनियों के बीच एक ऐसा मजबूत जाल और तंत्र बन चुका है, जिससे चाहकर भी कोई आम मरीज या उसका परिवार बाहर नहीं निकल पाता।’ खेसारी लाल यादव ने बेहद भावुक और कड़े शब्दों में लिखा कि जब परिवार का कोई एक सदस्य किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आता है, तो पूरा परिवार आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से टूटकर बिखर जाता है।
खेसारी ने लिखा— ‘इलाज का भारी-भरकम खर्च लोगों को बरसों पीछे धकेल देता है। हंसते-खेलते परिवार रातों-रात लाखों-करोड़ों के कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं।’ खेसारी ने बहुत ही ईमानदारी से स्वीकार किया कि हो सकता है कि उनकी यह ‘मन की बात’ आज कुछ लोगों को तब तक समझ न आए या जरूरी न लगे, जब तक कि उनके किसी अपने के साथ ऐसी कोई दुखद स्थिति न आ जाए।
लेकिन उन्होंने दावा किया कि आज यह समस्या लगभग हर दूसरे घर की कहानी बन चुकी है। इसलिए अगली सामूहिक आवाज़ और अगला बड़ा कदम देश के हेल्थ सिस्टम को ठीक करने के लिए ही उठना चाहिए। खेसारी ने वादा किया कि वो इस लड़ाई में हमेशा जनता के साथ खड़े रहेंगे।
एक सुपरस्टार होकर भी आम जनता के बुनियादी मुद्दों— जैसे पढ़ाई और दवाई पर लगातार आवाज़ उठाना, खेसारी लाल यादव को बाकी सितारों से अलग बनाता है। खेसारी की इस अपील के बाद अब देखना यह होगा कि देश का युवा और Gen-Z इस पर कैसा रिएक्शन देता है।

