दिल्ली: सोशल मीडिया पर चंद लाइक्स और फॉलोअर्स की चाहत कब जानलेवा साबित हो जाए कुछ पता नहीं। दिल्ली के दल्लुपुरा इलाके में एक ऐसी घटना घटी है जिसने रील बनाने के क्रेज पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां 28 साल के एक युवक ने वीडियो शूट करने के दौरान कथित तौर पर खुद को गोली मार ली। चौंकाने वाली बात यह है कि गोली सीधे उसके दिल के पार हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के वक्त उसका चचेरा भाई वहां मौजूद था और वही इस खौफनाक मंजर को कैमरे में कैद कर रहा था।
28 वर्षीय पवन को क्या पता था कि जिस पिस्टल को वह वीडियो के लिए अपने सीने पर लगा रहा है, वही उसकी आखिरी सांस की वजह बन जाएगी। घटना 16 मार्च की है, जब पवन अपने चचेरे भाई हिमांशु की लाइसेंसी पिस्टल के साथ स्टंट कर रहा था। वीडियो बनाने के दौरान पवन ने पिस्टल में मैगजीन डाली और उसे फिल्मी अंदाज में अपने सीने पर सटा लिया। जैसे ही पवन ने ट्रिगर दबाया, गोली सीधे उसके दिल में जा लगी। खून से लथपथ पवन को तुरंत वसुंधरा एन्क्लेव के धर्मशिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला वीडियो हाथ लगा है। दरअसल, जब यह हादसा हुआ, तब पवन का चचेरा भाई हिमांशु मौके पर मौजूद था और वह मोबाइल से पवन का वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। पुलिस ने वह मोबाइल और हथियार कब्जे में ले लिया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पवन खुद ही हथियार संभाल रहा था और उसने खुद ही ट्रिगर दबाया। पुलिस ने मौके से लाइसेंसी पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एलबीएस अस्पताल भेज दिया गया है।
न्यू अशोक नगर थाना पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 105 और शस्त्र अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। प्रथम दृष्टया यह मामला स्टंट के दौरान हुई दुर्घटना लग रही है, लेकिन पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या हथियार के रख-रखाव में लापरवाही बरती गई। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और अन्य सबूत जुटाए हैं। यह घटना उन युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो हथियारों के साथ वीडियो बनाना शान समझते हैं।
हथियार कोई खिलौना नहीं है और सोशल मीडिया की रील आपकी जिंदगी से बड़ी नहीं है। दल्लुपुरा की इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है, लेकिन समाज को भी यह सोचने की जरूरत है कि आखिर हम किस दिशा में जा रहे हैं।

