पटना: बिहार की राजनीति में जिस पल का इंतजार पिछले कई हफ्तों से हो रहा था, वह अब करीब आ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कब इस्तीफा देंगे और उनके बाद सरकार का स्वरूप क्या होगा, इसे लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार अगले महीने यानी 8 या 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। नीतीश कुमार के बाद सत्ता के नए फॉर्मूले में बीजेपी ने अपनी कुछ शर्तें भी मनवा ली हैं।
बिहार में 20 साल से जारी नीतीश राज अब एक नए मोड़ पर है। सूत्रों के मुताबिक, 16 मार्च को राज्यसभा के लिए औपचारिक चयन के बाद नीतीश कुमार 8 या 9 अप्रैल को अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप देंगे। नीतीश न केवल मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे, बल्कि वह बिहार विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे देंगे। अमित शाह और नितिन नवीन की मौजूदगी में हुए नामांकन के साथ ही यह तय हो गया था कि नीतीश अब दिल्ली की राजनीति करेंगे, लेकिन पटना की गद्दी सुरक्षित हाथों में सौंपकर।
इस पूरे बदलाव में सबसे चौंकाने वाला नाम निशांत कुमार का है। हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले नीतीश के पुत्र निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है। सूत्रों का दावा है कि निशांत कुमार बिहार के नए डिप्टी सीएम होंगे। उनके साथ जेडीयू कोटे से एक और डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। निशांत पिछले कुछ दिनों से लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं से मिल रहे हैं, जिसे उनकी ‘लॉन्चिंग‘ की तैयारी माना जा रहा था। अब यह साफ हो गया है कि नीतीश अपनी विरासत अपने बेटे को सौंपने जा रहे हैं।
सत्ता के इस नए बंदरबांट में बीजेपी ने भी बाजी मारी है। सूत्रों की मानें तो जेडीयू भले ही सरकार का नेतृत्व करे, लेकिन सबसे शक्तिशाली माना जाने वाला ‘गृह मंत्रालय‘ और प्रदेश के मुखिया की कुर्सी अब बीजेपी के पास रहेगा। यह पहली बार होगा जब नीतीश कुमार के बिना वाली सरकार में बीजेपी इतनी मजबूती से शासन पर पकड़ बनाएगी। बीजेपी और जेडीयू के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद ही इस फॉर्मूले पर सहमति बनी है, ताकि 2029 के लोकसभा चुनाव और बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव में तालमेल बना रहे।
8 अप्रैल की तारीख बिहार की राजनीति के लिए मील का पत्थर साबित होगी। नीतीश कुमार का दिल्ली प्रस्थान और निशांत कुमार का सरकार में शामिल होना, जेडीयू के भविष्य की नई दिशा तय करेगा। क्या निशांत कुमार अपने पिता की विरासत को संभाल पाएंगे और क्या बीजेपी के साथ ये नया गठबंधन सुचारू रूप से चलेगा? इस पर हमारी नज़र बनी रहेगी।

