तेलंगाना में ‘करोड़पति’ डिप्टी कलेक्टर का पर्दाफाश! 1 लाख की घूस से शुरू हुई जांच में निकली 8.30 करोड़ की काली संपत्ति

तेलंगाना में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक चौंकाने वाला खुलासा हनुमाकोंडा में हुआ है। एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में सस्पेंड हुए डिप्टी कलेक्टर वेंकट रेड्डी के ठिकानों पर जब ACB ने छापेमारी की, तो अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं। छापेमारी में अब तक 8 करोड़ रुपये से ज्यादा की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ है।

हनुमाकोंडा के डिप्टी कलेक्टर वेंकट रेड्डी के लिए बुधवार की सुबह नई मुश्किलें लेकर आई। ACB की कई टीमों ने एक साथ वेंकट रेड्डी के आवास और उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर धावा बोला। यह कार्रवाई उस जांच की कड़ी है जो 6 दिसंबर को शुरू हुई थी। दरअसल, तब वेंकट रेड्डी को एक लाख रुपये की रिश्वत मांगते रंगे हाथों पकड़ा गया था। वह एक स्कूल को अनुमति देने के बदले यह रकम मांग रहे थे, जिसके बाद सरकार ने उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया था।

जैसे-जैसे छापेमारी आगे बढ़ी, संपत्ति के आंकड़े चौंकाने वाले निकले। ACB की जांच में अब तक 8 करोड़ 30 लाख रुपये की अवैध संपत्ति की पहचान की जा चुकी है। जांच एजेंसी का मानना है कि रिश्तेदारों के नाम पर भी कई बेनामी संपत्तियां खरीदी गई हैं, जिसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है।

वेंकट रेड्डी ने इन-चार्ज DEO (जिला शिक्षा अधिकारी) के पद पर रहते हुए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया। ACB अधिकारियों का कहना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, अभी कई बैंक लॉकर्स और अचल संपत्तियों की जांच बाकी है, जिससे यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार में डूबे किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

एक लाख की रिश्वत के लालच ने वेंकट रेड्डी के करोड़ों के साम्राज्य की पोल खोल दी है। ACB की यह छापेमारी तेलंगाना के उन अधिकारियों के लिए चेतावनी है जो अपनी कुर्सी का इस्तेमाल काली कमाई के लिए कर रहे हैं।

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