नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी को आज नया और युवा सारथी मिल गया है। नितिन नबीन निर्विरोध रूप से बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। 45 साल की उम्र में इस गौरवशाली पद को संभालकर उन्होंने अमित शाह का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई इस ताजपोशी को भाजपा में ‘पीढ़ी परिवर्तन‘ और युवा नेतृत्व के उदय के तौर पर देखा जा रहा है।
बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने से पहले नितिन नबीन ने अपने दिन की शुरुआत पूरी तरह आध्यात्मिक अंदाज में की। वे दिल्ली के भगवान वाल्मीकि मंदिर, गुरुद्वारा बंगला साहिब और झंडेवाला मंदिर पहुँचे और माथा टेककर आशीर्वाद लिया। मंदिर की चौखट से शुरू हुआ यह सफर सीधे भाजपा मुख्यालय पहुँचा, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें माला पहनाकर और शुभकामनाएं देकर संगठन की सर्वोच्च जिम्मेदारी सौंपी।
नितिन नबीन का चुनाव पूरी तरह निर्विरोध रहा। सोमवार को नामांकन की प्रक्रिया के दौरान किसी अन्य उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल नहीं किया, जिसके बाद मंगलवार को आधिकारिक रूप से उनके नाम का ऐलान कर दिया गया। 14 दिसंबर 2025 को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद, महज एक महीने के भीतर उन्होंने संगठन में अपनी योग्यता साबित की। अब पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में वे देशभर के करोड़ों कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करेंगे।
राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि नितिन नबीन को अध्यक्ष बनाना भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति है। युवाओं को जोड़ने और संगठन में नई ऊर्जा भरने के लिए नबीन सबसे उपयुक्त चेहरा माने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि नई टीम को पूरी तरह से शीर्ष नेतृत्व का समर्थन प्राप्त है। आने वाले विधानसभा चुनावों और सांगठनिक विस्तार में नबीन का ‘स्ट्राइक रेट‘ पार्टी के भविष्य की दिशा तय करेगा।
बीजेपी मुख्यालय में आज का माहौल उत्सव जैसा है, लेकिन नितिन नबीन के लिए यह कांटों भरा ताज भी है। सबसे युवा अध्यक्ष बनकर उन्होंने इतिहास तो रच दिया है, लेकिन अब उनके सामने 2029 की तैयारियों और राज्यों के चुनावों में पार्टी के विजय रथ को आगे ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी है।

