काशी के मणिकर्णिका घाट पर ‘सियासी’ संग्राम! पप्पू यादव समेत 8 के खिलाफ FIR, AI वाली तस्वीरों पर मचा बवाल

काशी की आत्मा और मोक्ष का द्वार कहे जाने वाले मणिकर्णिका घाट पर इन दिनों सियासत की तपिश तेज है। घाट के कायाकल्प की योजना तो विकास के लिए थी, लेकिन अब यह मामला पुलिस की फाइलों तक पहुँच गया है। सोशल मीडिया पर कथित फर्जी तस्वीरें और भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट पर सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है, लेकिन इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक नई जंग छिड़ गई है। पुलिस का आरोप है कि कुछ लोगों ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार की गई फर्जी तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिनमें दावा किया गया कि घाट के प्राचीन मंदिरों को तोड़ा जा रहा है। प्रशासन के मुताबिक, यह न केवल भ्रामक है बल्कि इसका मकसद धार्मिक भावनाओं को भड़काना और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ना था।

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस गौरव बंसल के नेतृत्व में पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। सांसद पप्पू यादव समेत 8 लोगों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सौंदर्यीकरण और श्मशान सुविधाओं के मजबूतीकरण से जुड़े कार्य को गलत तरीके से पेश किया गया। अब उन सभी X हैंडल्स की जांच की जा रही है जहाँ से यह कंटेंट वायरल हुआ था।

मुकदमा दर्ज होने के बाद पप्पू यादव ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि वे किसी से डरने वाले नहीं हैं। पप्पू यादव का तर्क है कि मणिकर्णिका घाट पर हो रहे कार्यों को लेकर कई लोगों के मन में जायज सवाल हैं और वे सवाल पूछते रहेंगे। उन्होंने इसे डराने-धमकाने की राजनीति करार देते हुए कहा कि आस्था और परंपरा की रक्षा के लिए वे पीछे नहीं हटेंगे।

मणिकर्णिका घाट पर जहां कभी शांति और वैराग्य का वास होता था, आज वहां मुकदमों और बयानों का शोर है। काशी के इस विकास बनाम आस्था के विवाद ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है।

 

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