दिल्ली: राजधानी दिल्ली का भारत मंडपम इन दिनों शब्दों के उत्सव यानी ‘विश्व पुस्तक मेले‘ (World Book Fair) का गवाह बन रहा है। इसी कड़ी में आज 10 जनवरी को एक ऐसी पुस्तक का विमोचन किया गया, जो सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रवाद की एक नई इबारत लिखती है। पुस्तक का शीर्षक है— ‘भारतीय मुसलमान: एकता का आधार- हुब्बुल वतनी (राष्ट्रीयता)‘। आरएसएस के वरिष्ठ नेता डॉ. इंद्रेश कुमार की मौजूदगी में इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
भारत मंडपम के हॉल नंबर-5 (स्टॉल नंबर C-02) में ‘किताबवाले‘ प्रकाशन के बैनर तले एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर ‘भारतीय मुसलमान: एकता का आधार‘ नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। यह पुस्तक राष्ट्र प्रेम और भारतीयता के साझा मूल्यों पर आधारित है, जिसके एडिटर प्रो. (डॉ.) शाहिद अख्तर और डॉ. केशव पटेल हैं। इस पुस्तक का अनुवाद डॉ. शबीना शेख द्वारा किया गया है।
इस गरिमामयी समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. इंद्रेश कुमार रहे, जो आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और ‘मुस्लिम राष्ट्रीय मंच‘ के संरक्षक हैं। उनके साथ ही ‘गेस्ट ऑफ ऑनर‘ के रूप में यूजीसी नई दिल्ली के सीईसी निदेशक प्रो. परीक्षित मनहास और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की डॉ. मनु शर्मा कटारिया ने शिरकत की। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुस्तक वर्तमान समय में भारतीय समाज के बीच संवाद और विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने का काम करेगी।
भारत मंडपम में उमड़ रही पुस्तक प्रेमियों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आज भी वैचारिक संवाद की जरूरत कितनी अधिक है। ‘भारतीय मुसलमान: एकता का आधार‘ जैसी पुस्तकें न केवल ज्ञान का विस्तार करती हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में हर समुदाय की भूमिका को भी रेखांकित करती हैं।

