मुंगेर: बिहार के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी को सोशल मीडिया पर गाली देना और धमकी देना मुंगेर के एक युवक को भारी पड़ गया है। खुद को इलाके का दबंग समझने वाला शरद कुमार अब मुंगेर जेल की हवा खा रहा है। वायरल वीडियो के आधार पर हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खास बात यह है कि जब पुलिस उसे पकड़ने पहुँची, तो उसने खाकी पर भी हाथ उठाने की जुर्रत की।
मुंगेर जिले के शिशुआ गांव का रहने वाला 23 वर्षीय शरद कुमार रातों-रात चर्चा में आने के चक्कर में कानून के शिकंजे में फंस गया। शरद ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था, जिसमें वह बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकी दे रहा था। वीडियो वायरल होते ही पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर मुंगेर पुलिस एक्टिव हुई और हरपुर थाने में मामला दर्ज कर छापेमारी शुरू कर दी गई।
जब हरपुर थाने की पुलिस शरद कुमार को गिरफ्तार करने उसके घर पहुँची, तो वहाँ भी उसने अपनी दबंगई दिखाने की कोशिश की। आरोपी पुलिसकर्मियों से ही उलझ गया और उनके साथ हाथापाई करने लगा। स्थिति बिगड़ती देख अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया, जिसके बाद शरद को काबू में कर थाने लाया गया। पुलिस की कड़ाई के सामने उसकी सारी हेकड़ी धरी की धरी रह गई।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, शरद इलाके में दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति माना जाता था। वह लोगों पर धौंस जमाकर रंगदारी वसूलता था। उसके डर के कारण ग्रामीण पुलिस से शिकायत करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाते थे। लेकिन डिप्टी सीएम को गाली देने के मामले में हुई इस त्वरित गिरफ्तारी ने ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है ताकि उस पर कानूनी शिकंजा और कसा जा सके।
सोशल मीडिया अभिव्यक्ति की आजादी जरूर देता है, लेकिन इसकी मर्यादा लांघना और कानून को चुनौती देना कितना भारी पड़ सकता है, मुंगेर की यह घटना इसका बड़ा उदाहरण है। शरद कुमार की गिरफ्तारी से न केवल कानून का इकबाल बुलंद हुआ है, बल्कि रंगदारी और धौंस की राजनीति करने वालों को भी सख्त संदेश गया है।

