बिहार में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने अब जानलेवा रुख अख्तियार कर लिया है। बर्फीली पछुआ हवाओं और घने कोहरे की चादर ने पूरे प्रदेश को ‘फ्रीजर’ बना दिया है। पटना से लेकर गया तक, कनकनी ऐसी है कि हड्डियाँ कांप रही हैं। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि 4 जनवरी तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है। कोहरे की मार से न केवल सड़कें सुस्त हैं, बल्कि ट्रेनें और फ्लाइट्स भी देरी से चल रही हैं।
बिहार में कुदरत का कहर जारी है। राजधानी पटना समेत राज्य के अधिकांश जिले शीतलहर की चपेट में हैं। पछुआ हवाओं ने दिन के तापमान को सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे गिरा दिया है। आलम यह है कि दिन और रात के तापमान का अंतर खत्म होता जा रहा है, जिससे दोपहर में भी कनकनी कम नहीं हो रही। गया, नवादा और औरंगाबाद जैसे जिलों में पारा 6 डिग्री तक लुढ़क गया है। सड़कों पर सुबह-शाम सन्नाटा पसरा है और लोग सिर्फ जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
आईएमडी के अनुसार पटना, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पश्चिम चंपारण, किशनगंज, सिवान, जमुई सहित पूरे बिहार में कोल्ड डे और घना कोहरा रहने का पूर्वानुमान है। इसलिए सभी 38 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. अभी ठंड और भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में खासकर, बुजुर्गों और बच्चों की विशेष देखभाल करने की नसीहत दी गई है।
ठंड का सबसे बड़ा प्रहार हवाई और रेल यातायात पर पड़ा है। पटना एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई है, जिसके कारण कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और दर्जनों फ्लाइट्स घंटों देरी से चल रही हैं। यही हाल पटरियों पर भी है। राजधानी, मगध और संपर्क क्रांति जैसी प्रीमियम ट्रेनें 6-6 घंटे की देरी से रेंग रही हैं, जिससे यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
ठंड को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, लेकिन अभिभावकों की चिंता कम नहीं हुई है। दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने प्रमुख चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की है। नगर निगम और सामाजिक संगठनों की ओर से रैन बसेरों में कंबल बांटे जा रहे हैं, ताकि बेघर लोगों को इस जानलेवा ठंड से बचाया जा सके। अस्पतालों में भी सर्दी-खांसी और सांस के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
बिहार में कुदरत की ये दोहरी मार है—एक तरफ बर्फीली पछुआ हवा और दूसरी तरफ सूरज को ढकता घना कोहरा। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिन और भी भारी हो सकते हैं। प्रशासन मुस्तैद होने का दावा तो कर रहा है, लेकिन हकीकत में ठंड के आगे सारा सिस्टम बेबस नजर आ रहा है। आप भी सावधान रहें, क्योंकि ये ठंड फिलहाल थमने वाली नहीं है।

