कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही सियासी दलबदल का खेल तेज़ हो गया है। शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राज्य में तब बड़ा झटका लगा, जब मशहूर बंगाली अभिनेत्री परनो मित्रा ने भगवा दल का साथ छोड़कर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन थाम लिया।
कोलकाता स्थित टीएमसी मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में परनो मित्रा ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
“अपनी गलती सुधारना चाहती हूँ”
पार्टी में शामिल होने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए परनो मित्रा ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने बीजेपी में जाने के अपने पुराने फैसले को एक ‘गलत कदम’ करार दिया। परनो ने कहा, “आज मेरे लिए बहुत खास दिन है। मैं अपनी पिछली गलती को सुधारना चाहती हूँ। ममता दीदी के नेतृत्व में काम करना और राज्य की मुख्यधारा की लीडरशिप के साथ जुड़ना एक सोचा-समझा फैसला है।”
2019 में थामा था भाजपा का हाथ
परनो मित्रा जुलाई 2019 में दिल्ली में बीजेपी में शामिल हुई थीं। साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन पर भरोसा जताते हुए बारानगर सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, उस चुनाव में उन्हें टीएमसी के दिग्गज नेता तपस रॉय के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
बदलते सियासी समीकरण
दिलचस्प बात यह है कि 2021 में परनो मित्रा को हराने वाले तपस रॉय खुद अब पाला बदल चुके हैं। 2024 की शुरुआत में तपस रॉय टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। अब ठीक इसके उलट, परनो मित्रा ने बीजेपी छोड़कर टीएमसी में वापसी कर ली है। जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले एक मशहूर चेहरे का पार्टी छोड़ना बीजेपी के लिए संगठनात्मक स्तर पर एक बड़ा नुकसान हो सकता है।
कौन हैं परनो मित्रा?
परनो मित्रा बंगाली सिनेमा का एक जाना-माना नाम हैं। उन्होंने ‘रंजना अमी आर अशबो ना’, ‘बेडरूम’ और ‘एकला आकाश’ जैसी कई नेशनल अवॉर्ड विनिंग और चर्चित फिल्मों में काम किया है। बंगाल की राजनीति में फिल्मी सितारों का हमेशा से बड़ा प्रभाव रहा है, ऐसे में परनो का टीएमसी के पाले में जाना चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

