‘हम’ संरक्षक जीतन राम मांझी ने शराब पीने के बताये फायदे, शराबबंदी का किया विरोध

बिहार में शराबबंदी को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गया में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी हलचल मचा दी है। मांझी ने न सिर्फ़ शराबबंदी का खुलकर विरोध किया, बल्कि यहाँ तक कह दिया कि कुछ तरह की शराब पीने से फ़ायदा होता है!

गया में भाषण देते हुए जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने खुलासा किया कि वह तीसरी बार सीएम नीतीश कुमार के पास शराबबंदी कानून की समीक्षा करने के लिए प्रस्ताव भेज चुके हैं।

मांझी ने अपने बयान को सही ठहराते हुए कहा कि उनके पिता ईख (गन्ना) और महुआ से शराब बनाते थे। उन्होंने दावा किया कि “वह शराब पीने से फायदा होता है”। मांझी लगातार मांग करते रहे हैं कि महुआ और ताड़ी जैसी पारंपरिक चीजों से बनने वाली शराब को शराबबंदी से बाहर रखा जाए।

केंद्रीय मंत्री ने बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि शराबबंदी के नाम पर गरीबों को निशाना बनाया जा रहा है। मांझी ने कहा, “हजारों हज़ार गैलन शराब वालों को पुलिस पैसा लेकर छोड़ देती है।”

मांझी का यह बयान सीधे तौर पर बिहार में शराबबंदी लागू करने के तरीके और पुलिस की ईमानदारी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि सीएम नीतीश कुमार अपने ही केंद्रीय मंत्री के इस तीसरे प्रस्ताव और इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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