बिहार में पुलिस सेवाओं को आसान, तेज़ और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। शनिवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक समारोह के दौरान गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने औपचारिक रूप से ‘सिटीजन सर्विस पोर्टल’ की शुरुआत की।
इस पोर्टल के लॉन्च के बाद, गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम जनता को छोटी-छोटी पुलिस सेवाओं के लिए अब थानों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। यह पोर्टल सुनिश्चित करेगा कि सभी ज़रूरी सुविधाएँ नागरिकों को घर बैठे डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो सकें।
नागरिकों को मिलेंगे ये बड़े लाभ
गृह मंत्री ने इस पोर्टल को पुलिस सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि यह नई व्यवस्था नागरिकों का समय, ऊर्जा और धन—तीनों की बचत करेगी। इसके साथ ही, यह पुलिसिंग को ज़्यादा जवाबदेह, पारदर्शी और जनसुलभ बनाएगी।
इस ‘सिटीजन सर्विस पोर्टल’ के ज़रिए नागरिक तत्काल कई महत्वपूर्ण सेवाओं का लाभ ऑनलाइन उठा सकेंगे, जिनमें शामिल हैं:
-
पुलिस सत्यापन (Police Verification)
-
ई-शिकायत पंजीकरण (E-Complaint Registration)
-
खोया-पाया सूचना (Lost & Found Reports)
एफआईआर से लेकर रियल-टाइम ट्रैकिंग तक
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत इसकी त्वरित कार्यप्रणाली है। शिकायत दर्ज होते ही, संबंधित थाना को तुरंत डिजिटल अलर्ट मिल जाएगा।
-
ऑनलाइन FIR: प्रारंभिक जाँच में यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो ऑनलाइन दर्ज आवेदन के आधार पर FIR भी की जा सकेगी।
-
रियल-टाइम स्टेटस: पोर्टल को इस तरह विकसित किया गया है कि शिकायतकर्ता अपने आवेदन की स्थिति को रियल-टाइम (तत्काल) ट्रैक कर सकेगा। इससे अनावश्यक भाग-दौड़ पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
यह उद्घाटन कार्यक्रम बिहार के डीजीपी विनय कुमार, एडीजी कुंदन कृष्णन सहित पुलिस मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ। अधिकारियों ने बताया कि ‘सिटीजन सर्विस पोर्टल’ एक विस्तारशील मंच होगा और भविष्य में इसमें और भी अधिक सेवाओं को जोड़ा जाएगा, ताकि अधिकतम सरकारी प्रक्रियाएं सीधे नागरिकों तक ऑनलाइन पहुँच सकें।
इस पहल को बिहार में पुलिसिंग के आधुनिकीकरण और जनता के प्रति पुलिस की जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक नया अध्याय माना जा रहा है।

