बिहार के सारण जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सहाजितपुर थाना क्षेत्र के मोती छपरा गाँव में एक नाबालिग प्रेमी जोड़े ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और सनसनी फैल गई है। यह मामला एक बार फिर समाज में प्रेम संबंधों और कम उम्र में लिए गए आत्मघाती फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह घटना उस वक्त हुई जब 14 साल की नाबालिग प्रेमिका, अंजली कुमारी, के घर पर उसके माता-पिता मौजूद नहीं थे। इसी मौके का फायदा उठाकर 15 साल का नाबालिग प्रेमी, सनिस महतो, उसके घर पहुँच गया। दोनों ने मिलकर प्रेमिका के कमरे मेंदुपट्टे का फंदाबनाया और गले में लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।मृतक सनिस महतो जलालपुर थाना क्षेत्र के रहने वाला थे, लेकिन मोती छपरा गाँव में अपने ननिहाल में रहता थे। जबकि अंजली कुमारी इसी गाँव की निवासी थीं। घर आस-पास होने के कारण दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे। घटना के समय अंजली के पिता काम के सिलसिले में बाहर थे, जबकि माँ एक विवाह समारोह में शामिल होने दिल्ली गई हुई थीं।
इस दर्दनाक घटना का खुलासा देर शाम हुआ, जब प्रेमिका केबुजुर्ग दादाखेत से लौटकर आए। काफी तलाश के बाद जब उन्होंने कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद पाया, तो खिड़की से झाँककर देखा। दोनों नाबालिगों के शव छत से लटके हुए थे। आनन-फानन में दरवाज़ा तोड़कर शवों को नीचे उतारा गया।सूचना मिलते ही सहाजितपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों शवों को देर रात ही पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया गया। तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। साथ ही, बिसराको भी जाँच के लिए संरक्षित किया गया है।
इस मामले को लेकरफोरेंसिक टीमने मौके पर पहुँचकर गहन जाँच की और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। हालाँकि, इस मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की तरफ से थाने में कोईऔपचारिक आवेदनया शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। नाबालिग प्रेमी के घर केवल पिता हैं, जबकि प्रेमिका के घर बुजुर्ग दादा-दादी मौजूद हैं।इस दुखद घटना ने प्रेम संबंधों, पारिवारिक निगरानी और कम उम्र में आत्महत्या जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। पुलिस मामले की गहनता से जाँच कर रही है, लेकिन दो नाबालिगों का यूँ जीवन समाप्त कर लेना, पूरे समाज को सोचने पर मजबूर करता है।

