दिग्‍गज अभिनेता कादर खान का कनाडा में हुआ निधन

बिहार अपडेट: हिंदी सिनेमा के बेहतरीन अभिनेता और लेखक कादर खान का निधन हो गया है। वह 81 वर्ष के थे। बेटे सरफराज ने कादर खान के निधन की पुष्टि की है। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले कुछ समय से कनाडा के एक अस्‍पताल में भर्ती थे। कुछ दिनों पहले कादर खान की मौत की झूठी खबर भी आई, जिसका उनके बेटे ने खंडन किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कादर खान को श्रद्धांजलि दी। उन्‍होंने ट्वीट किया कि कादर खान जी ने अपने शानदार अभिनय कौशल से स्क्रीन को चमकाया और अपने अनूठे अंदाज़ से सबका मनोरंजन किया, उनके जाने का बेहद दुख है।

modi tweet

अनुपम खेर ने कादर खान को याद करते हुए ट्वीट किया, ‘कादर खान साहब हमारे देश के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक थे। उनके साथ काम करने का अनुभव मेरे लिए बेहद खास रहा। उनके काम करने का तरीका सबसे जुदा था। उनका हास्य शाश्वत और मौलिक था। वह एक अद्भुत लेखक थे। हम उन्‍हें और उनकी प्रतिभा को याद करेंगे।’

साथ ही बॉलीवुड के महानायक अमिताभ जी ने ट्वीट कर कहा-

कनाडा के हॉस्पिटल और बेटे सरफराज ने बताया, ‘मेरे पिता अब नहीं रहे। लंबी बीमारी के कारण कनाडा के समय के अनुसार 31 दिसंबर को शाम 6 बजे उनका निधन हो गया। वह दोपहर में कोमा में चले गए थे। वह 16-17 सप्ताह तक अस्पताल में थे।’ कादर खान का अंतिम संस्‍कार कनाडा में ही किया जाएगा। सरफराज ने बताया, ‘हम अंतिम संस्‍कार कनाडा में ही करेंगे। यहां हमारा पूरा परिवार काफी लंबे समय से रह रहा है, इसलिए हम सभी अंतिम क्रियाएं सिर्फ यहीं करेंगे।’

kader khan

हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता कादर खान लंबे समय से बीमार चल रहे थे और कनाडा के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। कादर खान को सांस लेने में समस्या थी और इसी कारण डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था। कादर खान की तबीयत खराब को लेकर चल रही खबरों के बाद बॉलीवुड सिलेब्रिटीज भी उनके अच्छे स्वास्थ्य की दुआएं करने लगे थे। अमिताभ बच्चन ने ट्वीट किया, ‘कादर खान, बेहद प्रतिभाशाली एक्टर और राइटर अस्पताल में हैं। उनकी सेहत के लिए दुआ करता हूं।’

कादर खान का जन्म 22 अक्टूबर, 1937 को काबुल में हुआ। उन्होंने 1973 में ‘दाग’ फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसमें राजेश खन्ना मुख्य भूमिका में थे। इससे पहले वह रणधीर कपूर और जया बच्चन की फिल्म ‘जवानी-दिवानी’ के लिए संवाद लिख चुके थे। एक पटकथा लेखक के तौर पर खान ने मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा के साथ कई फिल्में लिखी।

कादर खान ने मनमोहन देसाई के साथ मिलकर ‘धर्म वीर’, ‘गंगा जमुना सरस्वती’, ‘कुली’ ‘देश प्रेमी’, ‘सुहाग’, ‘अमर अकबर एंथनी’ और मेहरा के साथ ‘ज्वालामुखी’, ‘शराबी’, ‘लावारिस’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी फिल्में लिखी। खान ने ‘कुली नंबर 1’, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘कर्मा’, ‘सल्तनत’ जैसी फिल्मों के संवाद लिखे। उन्होंने करीब 300 फिल्मों में काम किया और 250 से ज्यादा फिल्मों के संवाद लिखे थे।