कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलायेंगे-अल्ताफ़ बुखारी

अनिता चौधरी

केंद्र शाषित प्रदेश में धारा 370 हटने के बाद थमी हुए जन-जीवन मे एक बार फिर नई राजनीतिक सुगबुगाहट शुरू हो गयी है । पीडीपी के पूर्व नेता और कश्मीर के पूर्व वित्तमंत्री अल्ताफ़ बुखारी के नेतृत्व में कश्मीर में नई राजनीतिक पार्टी “अपनी पार्टी” का आगाज़ हुआ है । जिसमे अलग-अलग पार्टियों से टूट हुए कश्मीर के तकरीबन 30 दिग्गज नेता शामिल हुए हैं । पार्टी के लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान “अपनी पार्टी” के सुप्रीमो अल्ताफ़ बुखारी ने कश्मीर में शांति बहाल और विकास के लिए हर भरसक लड़ाई के लिए अपने आप को संकल्पबद्ध बताया । साथ ही कश्मीर के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि कश्मीरी युवा में नए जोश के साथ आगे बढ़ें, “अपनी पार्टी” उनके साथ है और उनके लिए रोजगार की नई संभावनाएं तलाशने के भरसक प्रयास करेगी ।

पार्टी के लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान अल्ताफ़ बुखारी ने कहा कि उनकी “अपनी पार्टी” वो सपने जनता के बीच कभी नही बेचेगी जिसे वो पूरा नहीं कर सके । लेकिन जम्मू-कश्मीर के आत्मसम्मान की लड़ाई के लिए वो हमेशा प्रतिबद्ध हैं । जम्मू कश्मीर को केंद्र शाषित प्रदेश का दर्जा मिलने ये जम्मू-कश्मीर के आत्मसम्मान के खिलाफ है और यैसे में अब उनकी पार्टी की लड़ाई जम्मू-कश्मीर के स्वाभिमान के लिए जारी रहेगा । “अपनी पार्टी” जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवा के रहेगी ।

महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से अलग हुए अल्ताफ़ बुखारी और बाकी नेताओं के इस बयान के कई मायने लगाए जा रहे हैं । कुछ लोगो का मानना है कि जम्मू-कश्मीर का ये नया राजनीतिक उथल-पुथल कश्मीर में फिर कोई नया भूचाल ला सकता है जो कश्मीर को और भी अस्थिर बना सकता है । मगर अल्ताफ़ बुखारी की नई नवेली पार्टी के इस बयान से की कश्मीर के आत्मसम्मान के लिए कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाना है इससे ये साफ है कि कश्मीर की अवाम 370 हटाने के बाद इस बात पर तो सहमत है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इसे बाकी राज्यों की तरह बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए । कश्मीर में अब लड़ाई आज़ादी की नहीं बल्कि पूर्ण सहमति के साथ कश्मीरियत की संप्रभुता की है । कश्मीर को अब आज़ादी नहीं बल्कि पूर्ण राज्य का दर्जा चाहिए । “अपनी पार्टी” के मुखिया अल्ताफ़ बुखारी की लड़ाई अब कश्मीर की आजदी से शिफ्ट हो केंद्र शाषित जम्मू-कश्मीर की सम्पूर्ण संप्रभुत्व वाले राज्य पर हो गया है , या यूं कहें कि केंद्र शाषित कश्मीर के लगभग सभी एडमिनिस्ट्रेटिव पावर जो अभी केंद्र सरकार के पास है “अपनी पार्टी” के माध्यम से कश्मीर की अवाम कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानते हुए एक नई लड़ाई का आगाज़ करने जा रही है जिसमें अखंड भारत के कश्मीर के संपूर्ण राज्य का सपना शामिल है ।

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