निर्भया के चारों हत्यारे 22 जनवरी की सुबह सात बजे फांसी के फंदे पर लटक जाएंगे


अनीता चौधरी, वरिष्ठ पत्रकार

निर्भया के दोषियों को 22 जनवरी को सुबह सात बजे दिल्ली के तिहाड जेल मे एक साथ फांसी दे दी जाएगी।  देश को इसका शिद्दत से इन्तजार था । उन चारों हत्यारों को अंततः मौत की सजा मिलने की तारीख मुकर्रर हो ही गयी।, चारों दोषियों के डेथ वारंट जारी हो गए हैं।

मंगलवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों के डेथ वॉरंट जारी कर दिए। इस डेथ वॉरंट के 14 दिन बाद यानि 22 जनवरी को सुबह 7 बजे चारो दोषियों को फांसी दे दी जाएगी। डेथ वॉरंट जारी होने के बाद अब दोषियों को 14 दिन का समय दिया जाएगा। इस दौरान उनके रिश्तेदार उनसे मिलेंगे और उनसे उनकी अंतिम इच्छा पूछी जाएगी बाद में 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी दे दी जाएगी।

18 दिसंबर को चारों दोषियों यानी मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय ठाकुर और पवन गुप्ता को दया याचिका दायर करने के लिए सात दिन का समय दिया गया था । लेकिन तीन हफ्ते बीत जाने के बाद भी दोषियों ने दया याचिका के लिए आवेदन नहीं किया । मामले के जानकार वकीलों के मुताबिक चारों दोषियों के पास अब फांसी से बचने का कोई विकल्प नहीं रह गया है।

मंगलवार को दिल्ली की पलियाला हाउस कोर्ट में जज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑर्डर सुनाया, कोर्ट रूम में जज, वकील और निर्भया के माता पिता ही मौजूद थे। मीडिया को कोर्ट के अंदर जाने की पहले अनुमति नहीं थी, फिर अनुमति दी गई और बाद में फिर से कोर्ट में मीडिया प्रवेश पर रोक लगा दी गई।

निर्भया गैंगरेप मामले में सबसे पहले ट्रायल कोर्ट ने 10 सितंबर 2013 को चारो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी, एक दोषी राम सिंह ने इससे पहले ही जेल में खुदकुशी कर ली थी और एक दोषी नाबालिग था जिसे 3 साल की सजा हुई थी। इसके बाद 13 मार्च 2014 को भी दिल्ली उच्च न्यायालय ने चारों दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा था। 9 जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने 3 दोषियों की पुनर्विचार याचिका को खारिज किया था और नवंबर 2019 में एक दोषी अक्षय की दया याचिका को खारिज कर दिया गया था।

बताने की जरूरत नहीं कि 2013 में 16  दिसम्बर की  सर्द रात निर्भया को उसके दोस्त के साथ बस मे बहाने से लिफ्ट देकर उसके साथ निर्ममता के साथ पाँच बहशियो ने गैंगरेप किया और उसके दोस्त को बुरी तरह से घायल कर दोनो को चलती बस से फेंक दिया । निर्भया को इलाज के लिए सिंगापुर भी ले जाया गया मगर  एक उदयीमान फीजियो थिरेपिस्ट अंततः जिन्दगी की जंग हार गयी।

निर्भया के माता पिता ने आज कोर्ट के बाहर कहा कि देर से ही सही मगर न्याय मिल गया और अब हमारी बेटी की आत्मा को शान्ति मिल जाएगी।

निर्भया की मां आशा देवी ने कहा मेरी बेटी को न्याय मिला है। चारों दोषियों को फांसी पर चढ़ाने से इस देश की महिलाओं का सशक्तिकरण होगा। इस फैसले से न्यायिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।